फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

36 के हुए ‘जयेशभाई जोरदार’ के निर्देशक दिव्यांग ठक्कर, अतरंगी कहानी से मिली यशराज फिल्म्स में एंट्री

Tue, 26 Jan 2021 08:19 AM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
जयेशभाई जोरदार के निर्देशक दिव्यांग ठक्कर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन

गुजराती सिनेमा में अभिनय से हिंदी सिनेमा के निर्देशन में लंबी छलांग लगाने को तैयार बैठे दिव्यांग ठक्कर के लिए छत्तीस का आंकड़ा काफी लकी साबित होने जा रहा है। गणतंत्र दिवस को जब पूरा देश तिरंगा फहराता है तो उनके घर में भी केक कटता है और जश्न होता है। अंदर की बात ये है कि दिव्यांग का जन्मदिन ही 26 जनवरी को होता है। इस साल उनकी ये सालगिरह इसलिए और खास हो गई है क्योंकि इसी साल उनकी निर्देशित पहली फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ रिलीज होने जा रही है।

विज्ञापन


यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ में हिंदी सिनेमा के हीरो नंबर वन रणवीर सिंह एक ऐसे किरदार में दिखेंगे जिसे अभी से हिंदी सिनेमा में नायकों के किरदारों का टर्निंग प्वाइंट कहा जा रहा है। दिव्यांग भी मानते हैं कि महामारी के बाद दर्शकों को सिनेमाघरों में वापस लाने के लिए सबसे जरूरी बात सिनेमा के स्तर का भव्य और विशाल होना ही रहेगी। रणवीर भी फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार’ की पटकथा की खूब तारीफ कर चुके हैं और दिव्यांग की यशराज फिल्म्स में एंट्री भी इस पटकथा के चलते ही हुई है।

दिव्यांग कहते हैं, “लोग घरों में बैठे बैठे बोर हो चुके हैं। सब सिनेमा देखने जाना चाहते हैं। सिनेमा देखना दरअसल एक ऐसे माहौल में मनोरंजन को महसूस करना होता है, जहां आपको अपने पड़ोस में बैठे दर्शक का नाम तक नहीं पता होता लेकिन दोनों एक साथ एक ही सीन पर ठहाके लगा रहे होते हैं। इस सामुदायिक अनुभव के लिए लोग तरस रहे हैं। ‘जयेशभाई जोरदार’ को हमने इसी सामुदायिक मनोरंजन के लिए बनाया है और हमारा भरोसा है कि ये दर्शकों की उम्मीदों पर खरी फिल्म साबित होगी।”

विज्ञापन
विज्ञापन

26 जनवरी 1985 को जन्मे दिव्यांग की फिल्मी पढ़ाई वैसे तो क्लासरूम के हिसाब से सुभाष घई के स्कूल व्हिसलिंग वूड्स में हुई है, लेकिन असली पढ़ाई उनकी कैमरे के सामने ही हुई। गुजराती फिल्मों के बाद उन्होंने वेब सीरीज में भी एक्टिंग की और इसी दौरान अपने एक विचार को पटकथा में तब्दील करके वह निर्माता मनीष शर्मा से मिलने पहुंच गए। दिव्यांग अपनी कहानी का सार भी बताने में नहीं हिचकते। वह कहते हैं, “मनोरंजन से परे जाकर हम ये सवाल उठाना चाह रहे हैं कि जोरदार मर्द बनने के लिए आखिर किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत होती है? जयेशभाई जोरदार के जरिए हम हिंदी सिनेमा में हीरो की बरसों से पुख्ता हुई इमेज तोडड़ना चाहते हैं।"

दिव्यांग की बर्थडे विश यही है कि वह अपने ख्यालों को कागज पर उतारने का अनुशासन बनाए रखें और मौलिक कहानियां लिखने व उन्हें विकसित करने के लिए भरपूर समय दे सकें। वह कहते हैं, “जब मैं जयेशभाई जोरदार का लेखन कर रहा था, तब मेरे दिमाग में दूर-दूर तक यह ख्याल नहीं था कि आखिरकार इसे कौन बनाएगा? यह कितने बड़े पैमाने की फिल्म होगी, इसमें कौन-कौन से स्टार काम करेंगे? इसे मैंने बस कहानी रचने के इरादे से लिखा था। इस ईमानदारी और इस रोमांच को मैं अपने भविष्य के काम में भी बनाए रखना चाहूंगा।”
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें