फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Abhishek Bachchan: जया बच्चन को अभिषेक बच्चन की मौत की करनी पड़ी कल्पना, साझा की 'हजार चौरासी की मां' की याद

Sun, 24 Nov 2024 07:52 AM IST
तनु चतुर्वेदी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

अभिषेक बच्चन ने अपनी मां जया बच्चन की फिल्म हजार चौरासी की मां को लेकर कुछ बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि एक सीन के दौरान जया को अपने ही बेटे यानी अभिषेक की मौत की कल्पना करनी पड़ी थी।
विज्ञापन
श्रम संबंधी समिति की सदस्य बनीं जया बच्चन - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अभिषेक बच्चन बॉलीवुड के सबसे चर्चित सितारों में से एक हैं। अमिताभ बच्चन और जया बच्चन कारगिल, कभी अलविदा न कहना, गुरु, दासवी जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। अभिनेता ने अपनी मां के एक सीन को लेकर बात की है।
विज्ञापन

अभिषेक बच्चन - फोटो : इंस्टाग्राम-@bachchan
जया बच्चन को करना था इमोशनल सीन
आई वांट टू टॉक के प्रमोशन के दौरान अभिषेक बच्चन की। उन्होंने बताया कि उनके अभिनेताओं को किसी सीन को बेहतर तरीके से निभाने के लिए अपने किरदार को निभाना होता है। अभिषेक बच्चन ने कहा कि साल 1998 में हजार चौरासी की मां जिसका निर्देशक गोविंद निहलानी ने किया था। अभिषेक बच्चन ने बताया कि इसकी शूटिंग के दौरान जया बच्चन परेशान हो गई थीं। उनके किरदार को अपने मरे हुए बेटे के शव की पहचान करनी थी।
 

IFFI Goa: 55वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 'बाजार' की धूम, 208 फिल्मों का दीदार करेंगे दर्शक

जया बच्चन - फोटो : सोशल मीडिया
शूटिंग के दौरान परेशान हो गईं जया बच्चन
इस पर गोविंद निहलानी ने सीन में इमोशन लाने के लिए उनसे अपने बेटे की जगह पर अभिषेक को समझें। अभिषेक ने कहा, 'ये काफी परेशान करने वाली बात थी। भले ही उन्होंने ऐसा न कहा हो, लेकिन वह उस भावना को वास्तविक बनाने के लिए यही कल्पना करती। आप अपने काम में अपनी बहुत सी निजी चीजें लाते हैं'।
 

Pushpa 2: क्या सामंथा के ग्लैमर को मैच कर पाएंगी श्रीलीला? ‘पुष्पा 2’ के आइटम नंबर से दर्शकों को बड़ी उम्मीदें

विज्ञापन

अभिषेक बच्चन - फोटो : इंस्टाग्राम @ bachchan/aalimhakim
आई वांट टू टॉक पर बोले अभिषेक बच्चन
अभिषेक ने 'आई वांट टू टॉक' को लेकर कहा कि वह शायद इस कहानी पर बहुत ही भावनात्मक और दुखद फिल्म बनाते हैं लेकिन उनके निर्देशक शूजित सरकार ने एक खुशनुमा फिल्म बनाने का फैसला किया, जो दर्शकों को हंसाती है। अभिनेता ने उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक सीखने का अनुभव था, उन्होंने कहा, 'चाहे कितनी भी कठिन बाधा क्यों न हो, आशा की किरण और कारण को खोजने के लिए तैयार रहना चाहिए'।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें