javed akhtar
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दरअसल, जावेद अख्तर ने थोड़ी देर पहले अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की हैं। ये तस्वीर साल 2015 की उस घटना की हैं जब उत्तर प्रदेश पुलिस के एक दरोगा ने कृष्ण कुमार नाम के एक टाइपराइटर के साथ बदसुलूकी करते हुए उनका टाइपराइटर तोड़ दिया था। इस तस्वीर को साझा करते हुए जावेद अख्तर ने कैप्शन में लिखा-'यह बूढ़ा व्यक्ति बेरोजगारों की नौकरी के लिए आवेदन करता था। उसका टाइपराइटर अब मरम्मत के लायक नहीं है।'