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चार साल पुरानी न्यूज शेयर करते ही ट्रोल हुए जावेद अख्तर, यूजर्स बोले- 'कितने पैग मार लिए...'

Mon, 21 Oct 2019 11:57 AM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Javed Akhtar - फोटो : social media
हिन्दी सिनेमा के मशहूर लेखक, गीतकार और कवि जावेद अख्तर अपने एक ट्वीट की वजह से सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहे हैं। वह चार साल पुरानी न्यूज शेयर करने की वजह से बुरी तरह से ट्रोल हो रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स जावेद अख्तर के इस ट्वीट की ना केवल आलोचना कर रहे हैं, बल्कि इतनी पुरानी न्यूज को साझा करने की वजह से उनका मजाक भी बना रहे हैं। 
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javed akhtar - फोटो : file photo
दरअसल, जावेद अख्तर ने थोड़ी देर पहले अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की हैं। ये तस्वीर साल 2015 की उस घटना की हैं जब उत्तर प्रदेश पुलिस के एक दरोगा ने कृष्ण कुमार नाम के एक टाइपराइटर के साथ बदसुलूकी करते हुए उनका टाइपराइटर तोड़ दिया था। इस तस्वीर को साझा करते हुए जावेद अख्तर ने कैप्शन में लिखा-'यह बूढ़ा व्यक्ति बेरोजगारों की नौकरी के लिए आवेदन करता था। उसका टाइपराइटर अब मरम्मत के लायक नहीं है।'


 


 
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javed akhtar - फोटो : file photo
जावेद अख्तर को ये ट्वीट करना भारी पड़ गया है। उनके इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके मजे लेते हुए उन्हें ट्रोल कर दिया है। Ateendra नाम के यूजर ने लिखा- 'कितने पैग मार लिए जो 4 साल पुराना केस ट्वीट किया है।' Hamza लिखते हैं- 'पुरानी है जावेद साहब, पता नहीं फेक न्यूज का सामना कैेस करते होंगे फिर।' Chandan dutta ने लिखा- 'आपको कोई भी ट्वीट करने से पहले सोचना चाहिए।'

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जावेद अख़्तर - फोटो : file photo
इसके अलावा जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने और भी भद्दे कमेंट किए हैं। आपको बता दें कि सितंबर 2015 में लखनऊ के जीपीओ के फुटपाथ पर 65 साल के कृष्ण कुमार नाम के एक टाइपराइटर अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए टापिंग करते थे। जगह को खाली कराने के चक्कर में यूपी पुलिस के प्रदीप कुमार नाम के एक दरोगा ने गुस्से में उनके टाइपराइटर को तोड़ दिया था। 




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जावेद अख़्तर
इतना ही नहीं प्रदीप कुमार ने कृष्ण कुमार का टाइपराइटर तोड़ने के बाद उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और प्रशासन को खबर लगी तो तुरंत प्रदीप कुमार पर एक्शन लिया गया था। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया और डीएम ने खुद उनके घर जाकर उन्हें टाइपराइटर दिया।

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