दीवाली के दिन 13 नवंबर को रिलीज हुई 'जब तक है जान' और 'सन ऑफ सरदार' दोनों ही फिल्मों को भव्य ओपनिंग मिली है। इन दोनों ही फिल्मों को बड़े शहरों के अलावा छोटे शहरों में भी पसंद किया जा रहा है। अपने विषय की वजह से 'सन ऑफ सरदार' सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में कलेक्शन करने में 'जब तक है जान' की तुलना में आगे रही जबकि मल्टीप्लेक्सों में 'जब तक है जान' ने बढ़िया कारोबार किया है।
मंगलवार से लेकर शुक्रवार तक के कलेक्शन के मुताबिक इन चार दिनों में 'जब तक है जान' ने कुल 64.22 करोड़ का कारोबार किया है। उधर 'सन ऑफ सरदार' लगभग 47 करोड़ का कारोबार करने में सफल रही है। दीवाली के अगले दिन बुधवार को इन दोनों ही फिल्मों ने शानदार कारोबार किया।
मल्टीप्लेक्सों में 90 प्रतिशत तक की टिकट बुकिंग इस दिन दिखी। रिलीज के पहले दिन 'जब तक है जान' ने जहां 16 करोड़ का कारोबार किया जो वहीं 'सन ऑफ सरदार' 10 करोड़ रूपए कमा पाई। दूसरे दिन दोनों ही फिल्मों में नेक टू नेक फाइट दिखी। 'जब तक है जान' ने 20 करोड़ रूपए कमाए तो 'सन ऑफ सरदार' भी 16 करोड़ रूपए कमाने में सफल रही। तीसरे दिन भी मुकाबला कठिन रहा। 'जब तक है जान' ने 14 करोड़ कमाए तो वहीं 'सन ऑफ सरदार' ने 12 करोड़ की कमाई की। शुरुआती तीन दिनों में 'जब तक है जान' ने 50 करोड़ कमाए तो वहीं 'सन ऑफ सरदार' 38 करोड़ कमा पाई।
तीन दिनों में दोनों फिल्मों की कमाई का अंतर 12 करोड़ रहा। शुक्रवार को भी यह अंतर बना रहा। चार दिनों के बाद 'जब तक है जान' ने 64 करोड़ रूपए की कमाई कर ली तो 'सन ऑफ सरदार' ने 47 करोड़ रूपए की। शुरुआती चार दिनों के लिहाज से देखें तो 'जब तक है जान' ने सन ऑफ सरदार से लगभग 17 करोड़ रूपए आगे है। अगले सप्ताह कोई बड़ी हिंदी फिल्म न होने की वजह से उम्मीद की जा रही है कि यह दोनों ही फिल्में 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो जाएंगी।