फिल्म उद्योग में छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामलों को रोकने के लिए इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (आईएफटीडीए) ने प्रमुख कास्टिंग निर्देशकों के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है।
इसी संबंध में आईएफटीडीए ने तीन प्रमुख निर्मात संगठनों को पत्र भेजा है। इस पत्र में लिखा है कि ‘‘महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के कई मामले सामने आ रहे हैं, जिसकी वजह से फिल्म उद्योग को नाम खराब हो रहा है। इसलिए इस बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए हम एक "अभिनव योजना" लेकर आए हैं।
बता दें कि आईएफटीडीए के अध्यक्ष अशोक पंडित द्वारा यह पत्र ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’, 'भारतीय फिल्म और टीवी निर्माता परिषद' और 'पश्चिमी भारत फिल्म निर्माता संघ' को भेजा गया है।
पत्र में आगे लिखा गया है कि सबसे प्रसिद्ध प्रतिष्ठित कास्टिंग निर्देशकों ने आईएफटीडीए के साथ मिलकर इस बुराई को मिटाने की प्रतिबद्धता जताई है।’’
माननीय कार्यकारी समिति द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए कास्टिंग निदेशकों का एक अलग डिवीजन बनाने का फैसला लिया गया है। महिलाओं के प्रति पूर्ववृत्त, सत्यनिष्ठा और सम्मान की पूरी जांच करने के बाद ही किसी को भी इस डिवीजन में शामिल किया जाएगा। इस कदम का नेतृत्व सबसे प्रतिष्ठित कास्टिंग निर्देशकों, मुकेश छाबड़ा, हनी त्रेहन, विक्की सिदाना, श्रुति महायान और शारिका द्वारा किया गया था।