हीर-रांझा से प्रेरणा ले रहे थे इम्तियाज
जब इम्तियाज दोबारा फिल्म की कहानी लिखने बैठे, तो उन्होंने बताया कि कहानी अपने-आप एक अलग दिशा में जाने लगी। इसी दौरान हीर के किरदार का दुखद पहलू सामने आया, क्योंकि वह मशहूर पंजाबी प्रेम कहानी हीर-रांझा से काफी प्रेरणा ले रहे थे।
उन्होंने बताया कि उसी कहानी के प्रभाव ने फिल्म के अंत को भी तय किया और आखिर में वही इमोशनल क्लाइमैक्स बना जो दर्शकों ने स्क्रीन पर देखा। इम्तियाज ने कहा, ‘फिर मैंने इसे दोबारा लिखा।
इस बार जब मैं लिख रहा था तो पता नहीं क्या हुआ, लेकिन कहानी के आखिर तक आते-आते हीर नहीं रही। मुझे लगता है ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि मैं ‘हीर-रांझा’ से काफी प्रभावित था। यही वजह है कि लड़की का नाम हीर रखा गया और वह रांझा से पहले मर जाती है, इसलिए फिल्म जॉर्डन की मौत से पहले ही खत्म हो जाती है।’
हीर की मौत ने जॉर्डन को रॉकस्टार बनाया
इम्तियाज अली के मुताबिक, इस दुखद अंत ने फिल्म की भावनाओं को और गहरा बना दिया और जॉर्डन के किरदार को वह दर्द दिया, जिसने उसे असली ‘रॉकस्टार’ बना दिया।
बता दें कि रॉकस्टार फिल्म 2011 में रिलीज हुई थी, जिसमें रणबीर कपूर और नरगिस फाकरी लीड रोल में नजर आए थे। इस फिल्म ने लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी थी।