'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' फिल्म की टीम
- फोटो : इफ्फी 2024
55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) में 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' फिल्म की टीम ने मीडिया से बातचीत की। इस फिल्म को भारतीय पैनोरमा खंड के उद्घाटन फीचर के रूप में प्रदर्शित किया गया। इस कार्यक्रम में फिल्म की रचनात्मक यात्रा और इसके ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा की गई।
रणदीप ने की सावरकर की तारीफ
इस दौरान फिल्म में वीर सावरकर की भूमिका निभाने वाले और इसके निर्देशक रणदीप हुड्डा ने फिल्म बनाने में आई चुनौतियों की तुलना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वीर सावरकर द्वारा उठाए गए संघर्षों से की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे वीर सावरकर की गुमनाम गाथा को सामने लाने का दायित्व मिला। वह हमेशा भारत को सैन्य दृष्टि से सशक्त देखना चाहते थे। आज हमारा वैश्विक प्रभाव पहले से कहीं अधिक बढ़ चुका है। यह फिल्म सशस्त्र संघर्ष के एक महत्वपूर्ण पहलू को उजागर करती है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता के लिए हथियार उठाने की प्रेरणा पाई।"
अंजलि हुड्डा ने अनुभव किया साझा
फिल्म में भीकाजी कामा का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री अंजलि हुड्डा ने फिल्म से अपनी समझ में वृद्धि की बात की। उन्होंने कहा, "यह फिल्म मेरे लिए एक आंख खोलने वाला अनुभव था। मैं उम्मीद करती हूं कि भविष्य में हमारे अनकहे नायकों पर और भी फिल्में बनाई जाएंगी।"
ये सितारे भी रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म के अन्य कलाकार जय पटेल, मृणाल दत्त और अमित सियाल भी शामिल हुए। सभी ने भारतीय सिनेमा में इस तरह की फिल्मों के महत्व पर विचार साझा किया। फिल्म भारत की स्वतंत्रता संग्राम के कई अनकहे नायकों में से एक वीर सावरकर की गुमनाम गाथा को सामने लाती है, जो मातृभूमि के प्रति उनके अदम्य प्रेम और संघर्ष के दौरान उन्होंने जो यातनाएं सहीं, उन्हें बताती है।
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