सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि है कि अगस्त से सिनेमाघरों को फिर से खोलने की अनुमति दी जाए। दरअसल देश भर में लॉकडाउन के बाद अब अनलॉक की प्रक्रिया जारी है। हालांकि सिनेमाघर पिछले चार महीनों से बंद हैं। इस वजह से कोई फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज नहीं हुई है। सिनेमाघरों के बंद होने की वजह से मेकर्स अपनी फिल्में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज कर रहे हैं। इससे सिनेमाघर मालिकों को काफी नुकसान हो रहा है। पहले तो सिनेमाघर मालिकों ने फिल्मों के ओटीटी पर रिलीज होने का विरोध भी किया। हालांकि कोरोना की वजह से किसी के पास कोई हल नहीं है। ऐसे में सिनेमाघर मालिक भी शांत हो गए। अब
सूचना और प्रसारण मंत्रालय सचिव अमित खरे ने सीआईआई मीडिया कमेटी से बातचीत में कहा कि उन्होंने गृह मंत्रालय से आग्रह किया कि अगस्त की शुरुआत या आखिरी हफ्ते तक सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दी जाए। इस मामले में अंतिम फैसला गृह मंत्रालय की ओर से लिया जाना है।
अमित खरे ने बताया कि अगर सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दी जाती है तो दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। सिनेमाहॉल में बैठने के लिए कई नियम हो सकते हैं। एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद एक लाइन खाली भी छोड़नी होगी। सिनेमाघरों के दोबारा खोलने पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सुझाव है कि 25 फीसदी दर्शकों के साथ सिनेमाघर खोले जाएं हालांकि सिनेमाघर मालिक इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि 25 फीसदी दर्शकों के साथ सिनेमाघर खोलना उनके लिए नुकसान होगा। मामले में अभी तक गृह मंत्रालय की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है।