कर्ज वसूलने वाले लोग घर तक आ जाते थे
उन्होंने 2002 का वक्त याद करते हुए बताया कि उनकी और उनके पति की मीडिया कंपनी ‘प्रयास प्रोडक्शन’ अचानक बंद हो गई थी। उस समय नई टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट के तरीके आ गए थे, जिनके साथ वो खुद को ढाल नहीं पाए और कंपनी दिवालिया हो गई।
हालात इतने खराब हो गए थे कि कर्ज वसूलने वाले लोग घर तक आ जाते थे और बदतमीजी करते थे। उस समय उनके बच्चे भी छोटे थे। ऐसे में सुष्मिता और उनके पति ने 3-4 साल तक लगातार काम करके पूरा 1 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया।
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी की विदेश में पढ़ाई भी एक बड़ी वजह थी। उन्होंने कहा कि एक मां होने के नाते वो चाहती थीं कि उनकी बेटी बाहर पढ़े, भले ही इसके लिए उन्हें बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़े। उनकी बेटी ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में पढ़ाई की, जो काफी महंगी थी।
मजबूरी में किया काम
अपने करियर के बारे में बात करते हुए सुष्मिता ने कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स को वो अच्छा मानती थीं, उनसे कुछ खास हासिल नहीं हुआ, जबकि जिन कामों पर उन्हें गर्व नहीं है, वही ज्यादा करने पड़े।
उन्होंने कहा कि हर इंसान को यह समझना चाहिए कि वो काम क्यों कर रहा है- क्या वो अपने शौक के लिए काम कर रहा है, मजबूरी में कर रहा है या परिवार के लिए।
सुष्मिता ने बताया कि वो एक मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आती हैं और पहले टीचर की तरह महीने-महीने की सैलरी पर काम करती थीं। इसी वजह से उन्हें पैसों की अहमियत अच्छी तरह समझ में आती है।
उन्होंने माना कि भले ही उन्हें अपने कुछ फैसलों पर गर्व नहीं है, लेकिन उस समय के हिसाब से वो फैसले जरूरी थे।
इन फिल्मों में नजर आ चुकी हैं सुष्मिता मुखर्जी
सुष्मिता मुखर्जी ‘किंग अंकल’, ‘खलनायक’, ‘गोलमाल रिटर्न्स’ और ‘दोस्ताना’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। हाल ही में वो नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘डब्बा कार्टेल’ (2025) में दिखीं।
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