ऐसे अपने लुक को लेकर आया कॉन्फिडेंस
इस दौरान हुमा ने अपनी इनसिक्योरिटीज और ऑनलाइन ट्रोलिंग से निपटने के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे समय के साथ उन्होंने खुद पर विश्वास करना शुरू किया। हुमा ने कहा कि समय के साथ मुझे एहसास हुआ कि मुझे बाहरी शोर से दूर रहकर खुद पर ध्यान देना होगा।
मैंने ध्यान करना, अपनी फीलिंग्स को लिखना, डायरी लिखना और यहां तक कि थेरेपी लेना शुरू किया। धीरे-धीरे मैं खुद को और अपने रूप-रंग को लेकर कॉन्फिडेंट होने लगी। आज मैं जोक्स पर हंस सकती हूं, यहां तक कि खुद पर भी जोक सुना सकती हूं और चीजों को बहुत पॉजिटिव तरीके से लेती हूं। अब मैं अपने आप में कहीं अधिक आत्मविश्वासी और कंफर्टेबल फील करती हूं।
टॉक्सिक में हुमा कुरैशी
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