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हॉलीवुड ने बजाई बॉलीवुड के लिए खतरे की घंटी

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बीते सप्ताह फास्ट एंड फ्यूरियस-7 को मिली सफलता ने बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशकों के कान खड़े कर दिए हैं। यह हॉलीवुड फिल्म न केवल डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी से दोगुने थियेटरों में रिलीज हुई, बल्कि इसका कारोबार चार गुना रहा। क्या यह संदेश है कि अगर हिंदी में अच्छी फिल्में नहीं बनेंगी तो दर्शक हॉलीवुड फिल्मों को प्राथमिकता देगा...?
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बीते सप्ताह वह हुआ जिसका डर बॉलीवुड को लंबे अर्से से सता रहा था। हॉलीवुड फिल्मों की हिंदी के दर्शकों के बीच लोकप्रियता का एहसास यूं तो सबको था, मगर फास्ट एंड फ्यूरियस-7 को डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी के मुकाबले जो ओपनिंग मिली उससे खतरे की घंटी बज गई है।

फास्ट एंड फ्यूरियस-7 ने तोड़ कई रिकार्ड

फास्ट एंड फ्यूरियस-7 ने हॉलीवुड फिल्मों द्वारा बनाए तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए और यह अब 100 करोड़ रुपये के कलेक्शन की तरफ बढ़ चुकी है। पहले चार दिन में ही इस फिल्म ने 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया है, जबकि शुक्रवार को रिलीज होने वाली निर्देशक दिबाकर बनर्जी की जासूसी फिल्म का कलेक्शन रविवार तक केवल 13.50 करोड़ रुपये ही रहा।

यह सही है कि इस फिल्म का कारोबार पहले तीन दिनों में क्रमशः बढ़ा (3.96 करोड़, 4.32 करोड़, 5.10 करोड़ रुपये) परंतु बॉक्स ऑफिस के जानकारों की मानें तो दर्शकों ने फिल्म को खास पसंद नहीं किया और ऐसे में निर्माताओं-वितरकों-सिनेमाघर मालिकों को फिल्म ने निराश किया है।

हॉलीवुड फिल्में बाक्स ऑफिस पर बना रहीं रिकार्ड

डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी पीरियड फिल्म है, इस कारण इसके निर्माण का बजट बड़ा था। अगर फिल्म ने आने वाले दिनों में अच्छा बिजनेस नहीं किया तो इसके कारोबारियों को को घाटा उठाना पड़ेगा।

फास्ट एंड फ्यूरियस-7 गुरुवार को रिलीज हुई थी। खास बात यह भी है इसके निर्माताओं ने इस करीब 2500 सिनेमाघरों में रिलीज किया था, जबकि डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी को इससे आधे थियेटर भी नहीं मिल सके। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के आधार पर माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में फास्ट एंड फ्यूरियस-7 100 करोड़ रुपये का बिजनेस करेगी और भारत में सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली फिल्म भी बन सकती है।

हिन्दी फिल्मों को लेकर कम हो रहा उत्साह

अगले शुक्रवार को एक पहेली लीला और धर्म संकट में जैसी फिल्में रिलीज हो रही हैं। जिन्हें लेकर कोई विशेष उत्साह दर्शकों में नहीं है। ऐसे में ऐक्शन-रोमांच से भरपूर फास्ट एंड फ्यूरियस-7 के सामने अच्छे कारोबार के दरवाजे खुले हुए हैं।
वैसे कुछ लोग फास्ट एंड फ्यूरियस-7 की सफलता से इसलिए चकित नहीं हैं क्योंकि यह ऐक्टर पॉल वॉकर की आखिरी फिल्म थी, जिनका निधन हो चुका है।

ऐसे में यह तय था कि उनके प्रशंसक इस फिल्म को देखने जरूर जाएंगे। साथ ही फिल्म में ऐसे ऐक्शन सीन हैं, जिन्हें बॉलीवुड फिल्मों में कभी देखा नहीं गया। उल्लेखनीय है कि ऐक्शन फिल्में बॉलीवुड के दर्शकों के बीच हमेशा हिट रही हैं।

फास्ट एंड फ्यूरियस को मिला अपनी पिछली फिल्मों का लाभ

यह भी माना जा रहा है कि फास्ट एंड फ्यूरियस एक ब्रांड है और इसकी पिछली छह फिल्मों की सफलता का सातवें संस्करण को लाभ मिला है। इसके अपने तय दर्शक हैं। चूंकि निर्माताओं ने फिल्म को हिंदी में भी डब करके रिलीज किया, इसका फायदा उन्हें मिला है।

डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी को ज्यादा दर्शक न मिल पाने पर यह तर्क भी दिया जा रहा है कि चूंकि यह फिल्म कोलकाता में केंद्रित है, इसलिए सभी क्षेत्रों के दर्शकों की इसमें रुचि नहीं है। उल्लेखनीय है कि हम दिल दे चुके सनम जैसी फिल्म रिलीज के वक्त जहां गुजरात में सुपरहिट हुई थी, वहीं बिहार में नहीं चली थी। अतः यह कहना ठीक नहीं होगा कि फास्ट एंड फ्यूरियस-7 के कारण दर्शक डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी को देखने नहीं गए।

बॉलीवुड के सामने हॉलीवुड का खतरा

हॉलीवुड फिल्म की सफलता और बॉलीवुड फिल्म की इस विफलता पर बहस के लिए मैदान खुला पड़ा है। परंतु इतना तो तय है कि बॉलीवुड के सामने वह खतरा आ खड़ा हुआ है, जिसकी अभी तक केवल चर्चा होती थी।

इससे मुंह नहीं फेरा जा सकता। हॉलीवुड की फिल्में और स्टूडियो बॉलीवुड फिल्मों को टक्कर देने के लिए कमर कस चुके हैं। अभी सिर्फ अप्रैल का महीना और दिसंबर तक इस साल आधा दर्जन बड़ी हॉलीवुड फिल्में यहां रिलीज होनी हैं। जिनमें एवेंजर्स, द हंगर गेम्स, जुरासिक वर्ल्ड, मिशन इम्पॉसिबल, आइस एज, एक्स मैन और टर्मिनेटर सीरिज की फिल्में शामिल हैं।
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कमाई में भारत की टॉप टेन हॉलीवुड फिल्में

-अवतार (2009) 145 करोड़ रुपये
-2012 (2009) 94 करोड़ रुपये
-अमेजिंग स्पाइडरमैन (2012) 87 करोड़ रुपये
-लाइफ ऑफ पाई (2012) 80 करोड़ रुपये
-टाइटैनिक (1997) 77 करोड़ रुपये
-एवेंजर्स (2012) 76 करोड़ रुपये
-आयरन मैन-3 (2013) 73 करोड़ रुपये
-स्काय फॉल (2012) 66 करोड़ रुपये
-ट्रांसफार्मर्सःद एज ऑफ एक्सटिंशन (2014) 60 करोड़ रुपय
-द डार्क नाइट राइजेस (2012) 56 करोड़ रुपये
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