राजेश खन्ना का स्टाइल और कपड़े हर दौर में कॉपी किए गए हैं। सांस रोककर
लंबे संवाद बोलने का स्टाइल हो या फिर चलने का ढंग, सबकुछ राजेश खन्ना की
यूएसपी बन गया। राजेश खन्ना द्वारा बोले गए कुछ डायलॉग आज भी दर्शकों के जेहन में जिंदा हैं।
"जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है जांहपनाह। उसे न तो आप बदल सकते हैं न ही मैं" फिल्म 'आनंद'
"बाबू मोशाय जिंदगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नहीं" फिल्म 'आनंद'
"मैंने तुमसे कितनी बार कहा पुष्पा मुझे ये आंसू नहीं देखे जाते। आई हेट टियर्स" फिल्म 'अमर प्रेम'
"मैंने तेरा नमक खाया है इसलिए तेरी नजरों में नमक हराम जरूर हूं" फिल्म 'नमक हराम'
"मैं मरने से पहले मरने नहीं चाहता" फिल्म 'सफर'
"इंसान को दिल दे, दिमाग दे, जिस्म दे पर कमबख्त ये पेट न दे" फिल्म 'रोटी'
"एक छोटा सा जख्म बहुत गहरा दाग बन सकता है" फिल्म 'अराधना' से
"सेठ जिसे तुम खरीदने चले हो उसके चेहरे पर लिखा है नॉट फॉर सेल" फिल्म 'अवतार'