अच्छे एक्टर्स के साथ ही हिट होती है फिल्म
आर माधवन ने हाल ही में फिल्मों की सफलता, असफलता पर बात की। एक्टर का कहना है कि धमाकेदार प्रमोशन किसी फिल्म के फेवर में भी काम नहीं करेगा, अगर उसमें अच्छे एक्टर्स ना हों। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि फिल्म कितनी बड़ी या छोटी है, बस एक्टर्स की एक्टिंग ही मैटर करती है। पीटीआई से बातचीत में माधवन कहते हैं, ‘अगर आपकी फिल्म में ऐसे कलाकार नहीं हैं, जो किरदार में पूरी तरह से ढल सकें, अपने डायलॉग्स को अच्छी तरह से बोल सकें, तो दर्शक आपकी फिल्म नहीं देखेंगे।’ वह आगे कहते हैं, ‘माना बड़े पैमाने पर मनोरंजन करने वाली फिल्में, खासकर दक्षिण की फिल्में ही बॉक्स ऑफिस पर बड़ी कमाई कर रही हैं। लेकिन बड़े सितारों के बिना भी कई फिल्मों ने अच्छा बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया है।’
फिल्म मुंज्या को सराहा
माधवन आगे कहते हैं, ‘फिल्म 'मुंज्या' जैसी छोटी फिल्मों ने बहुत अच्छा कलेक्शन किया है। लोगों ने ऐसी फिल्में देखी हैं। वहीं कई बड़ी फिल्में फ्लॉप हो गईं। मुझे लगता है कि अच्छी कहानी, किरदार और उम्दा एक्टर ही फिल्म को हिट करवाते हैं।’
फिल्म 'रहना है तेरे दिल में'
- फोटो : सोशल मीडिया
कल्ट फिल्मों की री-रिलीज को लेकर बोले
आर माधवन की 2001 में रिलीज हुई फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ को फिर से रिलीज किया गया है। यह फिल्म जब पहली बार आई थी तो थिएटर में नहीं चलीं। बाद में ‘रहना है तेरे दिल में’ टीवी पर आई और एक कल्ट मूवी बन गई। इन फिल्माें के बारे में माधवन कहते हैं, ‘पहली बार 'रहना है तेरे दिल में' रिलीज हुई तो अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाई। इस बार इस फिल्म को थिएटर में पसंद किया गया क्योंकि इसके साथ एक बड़ा दर्शक वर्ग पहले से ही जुड़ा हुआ था। यह फिल्म देखकर पुरानी यादें ताजा हो गई थी।’ फिल्म 'रहना है तेरे दिल में’ माधवन के अपोजिट दीया मिर्जा थीं। पिछले एक साल में ‘लैला मजनू’, ‘रॉकस्टार’, ‘करण अर्जुन’, ‘तुम्बाड’ और ‘कहो ना प्यार है’ जैसी फिल्में री-रिलीज हुई हैं।