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Bombay HC: फिलहाल अमिताभ बच्चन के बंगले पर नहीं होगी कार्रवाई, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता को दिया दो हफ्तों को समय

Wed, 23 Feb 2022 07:10 PM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

प्रतिक्षा बंगले मामले में मुंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को अभिनेता अमिताभ बच्चन और जया बच्चन को निर्देश दिया कि वे बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को उनके जुहू स्थित बंगले प्रतीक्षा के एक हिस्से के अधिग्रहण के लिए जारी नोटिस के खिलाफ याचिका दायर करें।
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जया बच्चन, अमिताभ बच्चन - फोटो : insta-jaya_bachchan_
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विस्तार
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प्रतिक्षा बंगले मामले में मुंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को अभिनेता अमिताभ बच्चन और जया बच्चन को निर्देश दिया कि वे बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को उनके जुहू स्थित बंगले प्रतीक्षा के एक हिस्से के अधिग्रहण के लिए जारी नोटिस के खिलाफ याचिका दायर करें। जस्टिस आरडी धानुका और जस्टिस एसएम मोदक की खंडपीठ ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर बीएमसी को एक अभ्यावेदन दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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आपको बता दें कि बच्चन परिवार ने इस सप्ताह की शुरुआत में नगर निकाय द्वारा उन्हें जारी किए गए नोटिस को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था। जिसको लेकर अदालत ने बच्चन परिवार से जुहू बंगले के एक हिस्से के अधिग्रहण के नोटिस के खिलाफ बीएमसी को अभ्यावेदन दाखिल करने को कहा है। 

अदालत ने कहा, "एक बार अभ्यावेदन दायर करने के बाद, बीएमसी छह सप्ताह बाद सुनवाई करेगी और निर्णय करेगी। एक बार निर्णय लेने के बाद, याचिकाकर्ताओं के खिलाफ तीन सप्ताह तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।" कोर्ट ने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर बच्चन परिवार के वकीलों की भी व्यक्तिगत सुनवाई की जा सकती है।

ये था पूरा मामला-
बच्चन परिवार को 20 अप्रैल, 2017 को दो नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें कहा गया था कि उनकी आवासीय संपत्ति के पास के भूखंडों के कुछ हिस्से गली की नियमित लाइन के भीतर हैं और सड़क चौड़ी करण के लिए बीएमसी को बंगले की दीवार और संरचनाओं के साथ ऐसी जमीन पर अधिग्रहण करना है। 

इस मामले में बच्चन परिवार ने अपने प्रतिनिधियों को बीएमसी कार्यालय में उपस्थित होने और नोटिस के बारे में पूछताछ करने और नागरिक अधिकारियों के साथ इस मामले पर चर्चा करने के लिए प्रतिनियुक्त किया था और उन्होंने बीएमसी अधिकारियों को बताया कि भूखंडों के स्थान के विपरीत दिशा में सड़क को चौड़ा करना नागरिक निकाय के लिए आसान होगा।

बच्चन परिवार की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया है कि चार साल नौ महीने की अवधि के लिए, 28 जनवरी, 2022 तक, बीएमसी द्वारा नोटिस को लागू करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इस बीच उन्होंने मान लिया कि जारी किए गए नोटिस को हटा दिया गया था और इसलिए कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी।
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इस याचिका में कहा गया है कि 28 जनवरी, 2022 को, कुछ बीएमसी अधिकारियों ने बच्चन परिवार को मौखिक रूप से सूचित किया कि उन्होंने आक्षेपित नोटिसों को लागू करने का प्रस्ताव रखा है और जल्द ही नोटिस में निर्धारित भूखंडों के एक हिस्से पर अधिग्रहण कर लेंगे। याचिका में कहा गया है कि आक्षेपित नोटिस में भूखंडों पर मौजूद भवन संरचनाओं को ध्यान में नहीं रखा गया है, जिन्हें एमएमसी अधिनियम के अनुसार ढहाया नहीं किया जा सकता है।

याचिका में दावा किया गया है कि बीएमसी ने सड़क के एक ही तरफ के भूखंडों के अन्य धारकों को कोई नोटिस जारी नहीं किया है और कार्रवाई में असमानता दिखाते हुए सड़क के विस्तार को चौड़ा करने के लिए उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 
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