हंसल मेहता ने साझा किए विचार
हंसल मेहता ने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया, जिसमें लिखा था, 'दुख की बात है कि कामरा के साथ जो हुआ, वह महाराष्ट्र के लिए नया नहीं है। मैं खुद इससे गुजरा हूं। उसी (तब अविभाजित) राजनीतिक दल के वफादारों ने मेरे कार्यालय में धावा बोल दिया और कार्यालय में तोड़फोड़ की। मेरे साथ मारपीट की, मेरा चेहरा काला कर दिया और मुझे अपनी फिल्म के एक संवाद के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किया- एक बुजुर्ग महिला के पैरों में गिरकर।'
हंसल मेहता का पोस्ट
विवाद को जन्म देने वाली घटना को याद करते हुए निर्देशक ने लिखा, 'यह लाइन हानि पहुंचाने वाली नहीं थी, लगभग तुच्छ थी। फिल्म को सेंसर बोर्ड ने 27 अन्य कट्स के साथ पहले ही मंजूरी दे दी थी, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। माफी स्थल पर कम से कम 20 राजनीतिक हस्तियां पूरी ताकत के साथ पहुंचीं और उस घटना की देखरेख की, जिसे केवल सार्वजनिक रूप से शर्मसार करने वाला कार्य ही कहा जा सकता है, जहां 10,000 लोग वहां मौजूद थे और मुंबई पुलिस चुपचाप देख रही थी।'
जब टूट गए थे हंसल मेहता
हंसल मेहता ने पिछली घटना पर विचार करते हुए कहा, 'उस घटना ने न केवल मेरे शरीर को घायल किया। इसने मेरी आत्मा को भी घायल कर दिया। इसने मेरी फिल्म निर्माण की क्षमता को कुंद कर दिया, मेरे साहस को दबा दिया और मेरे उन हिस्सों को खामोश कर दिया, जिन्हें वापस पाने में वर्षों लग गए। चाहे असहमति कितनी भी गहरी हो, चाहे उकसावे की तीव्रता कितनी भी तेज हो- हिंसा, धमकी और अपमान को कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता है।'
ट्रोल हो गए हंसल मेहता
हालांकि, अपनी पोस्ट पर हंसल मेहता को ट्रोलिंग का शिकार भी होना पड़ा। एक यूजर ने लिखा, 'जब उद्धव ठाकरे ने कंगना रनौत का ऑफिस तोड़ा था, तब आप चुप थे।' वहीं, दूसरे यूजर ने कहा, 'आपने अर्नब गोस्वामी या कंगना रनौत के लिए एक शब्द भी नहीं कहा।' इस पर हंसल ने जवाब दिया, 'जब तक आपने ऐसा किया- लोकतंत्र जिंदा है। एक अन्य यूजर ने लिखा, 'दिल पर मत ले यार।'