हंसल ने की नए कलाकारों की तारीफ
इस दौरान अभिनेता प्रतीक गांधी भी नजर आए। हंसल मेहता और प्रतीक ने निर्देशकों और अभिनेताओं के बीच संबंधों पर एक सत्र के दौरान नई प्रतिभाओं को पेश करने के महत्व के बारे में बात की। हंसल ने कहा कि 2000 के दशक में यूटीवी जैसे स्टूडियो थे, जो नए लोगों को बढ़ावा देते थे। अप्लॉज एंटरटेनमेंट गांधी, जहान कपूर और गगन देव रियाल जैसे लोगों का समर्थन करके और इसे सफल बनाकर कुछ ऐसा ही कर रहा है।
हंसल ने नए कलाकारों को कास्ट करने की कही बात
उन्होंने कहा, 'हम एक ऐसे मोड़ पर हैं, जहां बहुत सारी प्रतिभाएं हैं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल रहा है। सुरक्षा के नाम पर उस पाइपलाइन को बंद कर दिया गया है। यह इस बात का सबूत है कि यह काम कर सकता है। जिन बड़े लोगों को आप लगातार मौके देते रहते हैं, वे कितनी बार असफल हुए हैं? उनकी सफलता का प्रतिशत क्या है? जब वे असफल होते हैं तो वे वास्तव में आपको डुबो देते हैं। यदि आप एक छोटा जोखिम लेते हैं यानी नए कलाकारों को कास्ट करते हैं तो आपको कम नुकसान होगा, लेकिन इसके कई फायदे हैं।'
प्रतीक ने की निर्माताओं-निर्देशकों से खास अपील
प्रतीक गांधी ने निर्माताओं और निर्देशकों से नए लोगों के साथ काम करने के लिए अधिक खुले रहने का आग्रह किया। अभिनेता ने कहा, 'नए टैलेंट के साथ काम करने के लिए तैयार रहें। हर जगह नए लोगों के लिए जगह कम होती जा रही है और आप सिर्फ कुछ खास लोगों के साथ काम कर रहे हैं। जब आप लोगों से बात करते हैं तो हर कोई यही कहता है, 'कोई अच्छा एक्टर नहीं है? बहुत सारे एक्टर हैं जो अपने मौके का इंतजार कर रहे हैं। इस कमी को सिर्फ निर्देशक और निर्माता ही पूरा कर सकते हैं।'
प्रतीक ने साझा किया हंसल के साथ काम करने का अनुभव
साथ ही अभिनेता ने हंसल के साथ काम करने का अनुभव साझा किया उन्होंने कहा कि निर्माता के सेट पर काफी आजादी और अनुशासन है। मैं उनसे आग्रह करता था कि हमें अपने पहले प्रोजेक्ट 'स्कैम 1992' पर कुछ पढ़ना चाहिए। मैं उन्हें लगातार फोन करता था, 'सर, चलिए इसे पढ़ते हैं। मैं आपको दिखाना चाहता हूं कि इसे कैसे करना है या मैं इस तरह से सोच रहा हूं।' उनका सरल उत्तर था, 'आप इसे अपने तरीके से करें और हम देखेंगे'।'
प्रतीक गांधी के अभिनय पर भरोसा
हंसल मेहता ने मजाक में कहा कि यह सब आलसी कास्टिंग थी, क्योंकि उन्हें प्रतीक गांधी की क्षमता पर भरोसा था कि वे शानदार प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह सौभाग्य की बात है कि आपको प्रतीक जैसी क्षमता वाले अभिनेता के साथ काम करने का मौका मिलता है और आपको ऐसे लोग मिलते हैं, जो आपकी प्रतिभा का समर्थन करते हैं। कोई ऐसा व्यक्ति जो उस भूमिका को, उस पल को, जिसे आप सेट पर बनाते हैं, अपना सबकुछ दे देता है। कोई ऐसा व्यक्ति जिस पर आप भरोसा कर सकें कि वह ऐसा करेगा और वह बिना किसी अहंकार के बनाया गया है। मैं हमेशा अहंकार रहित अभिनेता की तलाश में रहता हूं और मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे राजकुमार राव, प्रतीक और मेरे करियर में मिले बहुत से लोग मिले, यह वाकई सौभाग्य की बात है।'
हंसल ने की जहान कपूर की तारीफ
उन्होंने विक्रमादित्य मोटवानी की फिल्म 'ब्लैक वारंट' में शशि कपूर के पोते जहान कपूर की भी प्रशंसा की, जिन्हें समीक्षकों ने खूब सराहा। जहान ने हंसल की फिल्म 'फराज' से डेब्यू किया था। हंसल ने कहा, 'जहान इस फिल्म में डेब्यू के लिए आए थे। इस फिल्म में, बड़ी भूमिका खलनायक की थी, जिसे आदित्य रावल ने निभाया था, लेकिन उन्होंने अपने किरदार को उस व्यक्ति के वर्चस्व के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। ऐसा करके उन्होंने अपनी पहचान बनाई। अगर उन्होंने उस व्यक्ति या किसी और चीज को दबाने की कोशिश की होती तो यह अजीब लगता, इसलिए मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे ये लोग मिल गए और आपको इसके लिए निर्माता मिल जाते हैं।'