'गुठली लड्डू' इशरत खान द्वारा निर्देशित एक सामाजिक ड्रामा बॉलीवुड फिल्म है। फिल्म की स्टारकास्ट में संजय मिश्रा और सुब्रत दत्ता मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म 13 अक्तूबर को रिलीज होने वाली है। हालांकि फिल्म के ट्रेलर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस फिल्म के ट्रेलर में वाल्मिकी समाज के खिलाफ शब्दों और भाषा के असंवैधानिक और असंसदीय इस्तेमाल के आरोप के साथ गुजरात हाई कोर्ट में फिल्म के खिलाफ एक अर्जी दायर की गई है। अब हाई कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट में याचिका दायर
कोर्ट में याचिका निमेश वाघेला द्वारा अपने वकील विशाल ठक्कर के माध्यम से दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें 13 अक्तूबर को रिलीज होने वाली फिल्म से एक शब्द हटाने के साथ-साथ इसके प्रमाणन को वापस लेने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि फिल्म ने उक्त शब्द का उपयोग करके सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के साथ-साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (रोकथाम और अत्याचार) अधिनियम 1989 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है, जो वाल्मिकी समुदाय की भावनाओं को आहत करता है।
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वाल्मिकी समाज की भावनाएं आहत करने का आरोप
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह फिल्म के विषय का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन आहत करने वाले शब्द के इस्तेमाल के साथ-साथ फिल्म को "यू" प्रमाणन देने के सीबीएफसी के फैसले के खिलाफ हैं। फिल्म के ट्रेलर में मां और बेटे के बीच धर्म परिवर्तन के दौरान इस शब्द का कई बार इस्तेमाल किया गया है। फिल्म 'गुठली लड्डू' में वाल्मिकी समाज के एक बच्चे की पीड़ा का वर्णन किया गया है, लेकिन साथ ही भंगी शब्द का इस्तेमाल अक्सर शांत रहा है और इससे वाल्मिकी समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, इसलिए फिल्म के साथ-साथ ट्रेलर से भी असंसदीय शब्दों को हटाया जाना चाहिए। इन शब्दों के स्थान पर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं।
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11 अक्तूबर को होगी सुनवाई
याचिका में दावा किया गया है कि फिल्म में इस शब्द के इस्तेमाल से बड़े पैमाने पर हिंसा हो सकती है और देश में समानता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के प्रयास को पटरी से उतरने का खतरा हो सकता है। 13 अक्टूबर को फिल्म रिलीज होने पर तत्काल राहत की भी मांग की गई है। गुजरात हाई कोर्ट ने इस आवेदन के आधार पर 'गुठली लड्डू' फिल्म के निर्माताओं, पैनोरमा फिल्म्स, सेंसर बोर्ड समेत संबंधित पक्षों को तत्काल नोटिस जारी किया है। इस मामले में सुनवाई 11 अक्टूबर को होगी।
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