‘घूसखोर पंडित’ नाम सुनकर ही दिल चुभ जाता है
अमर उजाला से बातचीत में करन सिंह ने मनोज बाजपेयी की नेटफ्लिक्स पर आने वाली आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडित' पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'जो लोग पंडितों को मानते हैं, परंपराओं को मानते हैं, जिनके घरों में पूजा होती है, उनके लिए यह संदेश बहुत गलत गया है। हम पढ़े-लिखे लोग हैं, डॉक्टर हैं, परिवार को मानने वाले लोग हैं और हम सब यह पूछ रहे हैं कि नेटफ्लिक्स यह कर क्या रहा है। देश की अखंडता को क्यों चोट पहुंचा रहा है। आखिर मकसद क्या है इसका?'
'घूसखोर पंडित' नाम ही ऐसा है कि हर सुनने वाले को चुभता है। हर विषय में घूसखोर शब्द को पंडित के साथ जोड़ देना सीधा निशाना साधने जैसा है। आप किसी एक किरदार को नहीं बल्कि पूरे एक समुदाय हिंदू ब्राह्मण समाज को टार्गेट कर रहे हैं। ऐसा कौन सा मजाक है जो पूरी परंपरा पर सवाल खड़ा कर देता है। हम साफ कहते हैं कि इस तरह के नाम और ऐसा दिखाना देश की एकता को नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें धर्म के आधार पर बांटने की बात भी साफ नजर आती है।'
क्या नेटफ्लिक्स दंगे भड़काना चाहता है?
संविधान सम्मान मंच के पदाधिकारी ने सवाल उठाया, 'यह सब करके क्या नेटफ्लिक्स देश में सांप्रदायिक दंगे भड़काना चाहता है? भारत दुनिया के सबसे शांतिप्रिय देशों में से एक है। यहां हर धर्म के लोग साथ रहते हैं। फिर ऐसा कंटेंट लोगों की शांति भंग किसलिए कर रहा है।'
नेटफ्लिक्स ऑफिस ने मिलने से भी मना कर दिया
करन ने बताया कि हमने पुलिस स्टेशन में पूरी शिकायत दर्ज की है। इससे पहले नेटफ्लिक्स के ऑफिस में हम मिलने गए थे, लेकिन उन्हें जैसे लग रहा था कि कानून व्यवस्था बिगड़ जाएगी। इसलिए उन्होंने कहा कि कार्यालय में नहीं मिलेंगे, पुलिस स्टेशन आ जाइए। तो हम बीकेसी पुलिस स्टेशन गए और वहीं हमने दोनों मुद्दे बहुत स्पष्ट तरीके से रखे। उनका प्रतिनिधि आया, बैठा, बातचीत की और बोला कि हम देखेंगे, काम करेंगे, आपको बताएंगे। लेकिन हमें साफ लग गया कि यह सब केवल दिखावा है। जब तक वह इस प्रकरण को पूरी तरह हटाते नहीं, या कम से कम आपत्तिजनक हिस्सों को निकाल नहीं देते, और जब तक माफी नहीं मांगते, तब तक असली सुधार होने वाला नहीं है।