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गजल सम्राट पंकज उधास से आज रू-ब-रू करवाएगा अमर उजाला, पूछिए उनसे सवाल

Fri, 31 Aug 2018 11:47 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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गजल गायक पंकज उधास
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सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी गजल की गायिकी से लोगों का दिल जीतने वाले पंकज उधास की लोकप्रियता देखते ही बनती है। उन्हें बॉलीवुड फिल्म नाम से प्रसिद्धि मिली थी जिसमें उनका एक गीत चिठ्ठी आई है काफी लोकप्रिय हुआ था। उसके बाद से उन्होंने कई फिल्मों के लिए एक पार्श्व गायक के रूप में अपनी आवाज दी है। मशहूर गजल गायकों में शुमार पंकज उधास अमर उजाला. कॉम के ऑफिस आकर दोपहर 1 बजे के बाद फेसबुक के जरिए पाठकों से रूबरू होंगे। वह पाठकों से बात करेंगे और उनके साथ अपनी गायिकी का अनुभव शेयर करेंगे। आपको बता दें कि साल 2006 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

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पंकज उधास के बड़े भाई मनहर रंगमंच के एक अभिनेता थे, जिसकी वजह से वह संगीत के संपर्क में आये थे। रंगमंच पर उनका पहला प्रदर्शन भारत-चीन युद्ध के दौरान हुआ जिसमें उन्होंने ऐ मेरे वतन के लोगों गाया जिसके लिए एक दर्शक द्वारा उनको पुरस्कार स्वरूप 51 रुपये का इनाम भी दिया गया था। इसके बाद पंकज उधास ने गजल गायन में रुचि विकसित की और इसमें अपना करियर बनाने के लिए उन्होंने उर्दू भी सीखी। हालांकि सफलता न मिलने के बाद वह कनाडा चले गए। अमेरिका में छोटे छोटे कार्यक्रमों में गजल गायिकी करके अपना समय बिताने के बाद वह भारत वापस आ गए।

इसके बाद उनकी पहली गजल एल्बम आहट 1980 में रिलीज हुई। इससे उन्हें सफलता मिलनी शुरू हो गयी और साल 2009 तक वह करीब 40 एल्बम रिलीज कर चुके थे। साल 1986 में उधास को 'नाम' फिल्म में अपनी कला का प्रदर्शन करने का एक और अवसर प्राप्त हुआ जिससे उनको काफी प्रसिद्धि भी मिली। उन्होंने पार्श्व गायक के रूप में काम जारी रखा, साजन, ये दिल्लगी और फिर तेरी कहानी याद आई जैसी कुछ फिल्मों में उन्होंने अपनी गायिकी का प्रदर्शन दिया।

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