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एक दशक बाद बड़े पर्दे पर लौटीं गीता बसरा, क्या है करियर प्लान? बाेलीं- ‘किसी के लिए दरवाजे जल्दी बंद…’

Fri, 17 Oct 2025 07:12 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Geeta Basra Exclusive Interview: गीता बसरा ने क्रिकेटर हरभजन सिंह के साथ शादी के बाद फिल्मों से दूरी बना ली थी लेकिन एक बार फिर वह एक्टिंग की दुनिया में सक्रिय हो गईं। एक टॉक शो भी कर रही हैं। हाल ही में गीता बसरा ने अमर उजाला ने अपने करियर को लेकर खास बातचीत की।
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गीता बसरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करीब एक दशक बाद गीता बसरा ने पंजाबी ‘मेहर’ के साथ कमबैक किया है। फिल्मों तक ही सीमित न रहकर वह अब अपने पति और क्रिकेटर हरभजन सिंह के साथ टॉक शो ‘Who’s The Boss?’ की होस्टिंग भी कर रही हैं। हाल ही में अपने कई की नई पारी को लेकर गीता बसरा ने अमर उजाला डिजिटल से लंबी बातचीत की। पढ़िए बातचीत के प्रमुख अंश- 

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गीता बसरा - फोटो : इंस्टाग्राम@geetabasra

आपकी कमबैक पंजाबी फिल्म ‘मेहर’ को ऑडियंस से प्यार मिला, लेकिन बॉक्स ऑफिस के आंकड़े उतने अच्छे नहीं रहे। इसे लेकर आप कैसा महसूस कर रही हैं?
लोगों ने फिल्म को बहुत प्यार दिया। यह एक पारिवारिक फिल्म है, जिसमें इमोशन, रोमांस और ड्रामा सब कुछ है। बॉक्स ऑफिस के आंकड़े दर्शकों के प्यार के बराबर नहीं थे। दरअसल, हम फिल्म को उस समय रिलीज कर रहे थे जब पंजाब में माहौल ठीक नहीं था। हमें पता था कि यह सही समय नहीं था। लेकिन मेरी नजर में फिल्म शानदार थी। मेरे कमबैक के लिए इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता था।

आप इंडस्ट्री में लगभग एक दशक से हैं। क्या आपने जान-बूझकर कम काम करने का फैसला किया था?
ये चॉइस का मामला नहीं था, जिंदगी के अलग-अलग चैप्टर्स होते हैं। कभी-कभी कुछ चीजें ज्यादा अहम होती हैं। मेरे लिए मेरी फैमिली सबसे पहले थी। मेरे बच्चे छोटे थे। शादी के बाद मेरा ध्यान परिवार पर था। अब जब बच्चे बड़े हो गए हैं, तो मुझे अपने लिए ज्यादा वक्त मिलता है। अब मैं अपने जुनून के लिए काम कर रही हूं, इस प्रोसेस का मजा ले रही हूं। मैं सिर्फ आंकड़ों का पीछा नहीं कर रही। वैसे शादी से पहले फिल्म इंडस्ट्री महिलाओं के लिए सपोर्टिव नहीं थी लेकिन मैं मानती हूं, जो हुआ अच्छा हुआ। 

गीता बसरा और हरभजन सिंह - फोटो : इंस्टाग्राम: @geetabasra

अब आप हरभजन सिंह के साथ Who's The Boss? टॉक शो की मेजबानी कर रही हैं। यह अनुभव कैसा है?
शो होस्ट करना मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव है। मुझे यह काम बहुत पसंद आ रहा है। यह पूरी तरह से नेचुरल है। हमारे शो में रिश्तों पर बातचीत है, प्यार-हंसी सब कुछ है। यह सब कुछ बिल्कुल नेचुरल है। माना एक्टिंग हमेशा मेरा पहला प्यार रहेगी, लेकिन होस्टिंग से मैं अलग तरीके से ऑडियंस से जुड़ पाती हूं। इस शो में ऐसे पल भी हैं, जो लोग आमतौर पर पर्दे पर नहीं देखते हैं। यह टॉक शो मजेदार है, कभी-कभी थोड़ा मसालेदार भी है।

क्रिकेटर की पत्नी होने के नाते आप पॉपुलैरिटी और क्रिटिसिज्म को कैसे देखती हैं?  
पॉपुलैरिटी हमेशा रहती है, चाहे आपने क्रिकेटर से शादी की हो या नहीं। लोग ऑनलाइन जल्दी राय बना लेते हैं, कभी-कभी बिना वजह भी राय बना लेते हैं। लेकिन घर पर हम बस आम लोग हैं। क्रिटिसिज्म हमें डिफाइन नहीं करता है। अपनी जिंदगी, परिवार और काम पर ध्यान देना जरूरी है।

क्या एक्ट्रेस को इंडस्ट्री में मेल एक्टर्स की तुलना में ज्यादा आलोचना का सामना करना पड़ता है?
ऐसा नहीं है कि एक्ट्रेसेस को मेल एक्टर्स से ज्यादा आलोचना मिलती है। अगर लोग पसंद करेंगे तो तारीफ करेंगे, नहीं तो आलोचना करेंगे ही। इससे फर्क नहीं पड़ता है कि आप एक्ट्रेस हैं या एक्टर। आज नियम बदल गए हैं। अब स्टार पावर पहले जैसी नहीं रही, निर्माता भी इस दबाव को महसूस करते हैं। वुमन सेंट्रिक कहानियां अब ज्यादातर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हैं। ओटीटी के कारण यह बदलाव आया है। 

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गीता बसरा और प्रियंका चोपड़ा - फोटो : इंस्टाग्राम@geetabasra

आपने प्रियंका चोपड़ा को बतौर आइडल खूब सराहा है। उनके बारे में सबसे इंस्पायरिंग बात क्या है?
प्रियंका पूरी तरह से सेल्फ मेड हैं। उन्होंने सब कुछ अपने दम पर हासिल किया। ना किसी की मदद ली, ना किसी तरह का शॉर्टकट अपनाया। पर्दे के पीछे वह कॉन्फिडेंस से भरी हैं। बहुत जमीन से जुड़ी इंसान हैं। वह दूसरों को भी आगे बढ़ने में मदद करती हैं। मैंने उन्हें कई बार देखा है। वह कभी इनसिक्योर नहीं रहीं। यही एक आइडल की पहचान है। मैं चाहती हूं कि मेरी बेटी भी इसी तरह खुद पर विश्वास करे और सबकुछ हासिल करे।

अगर आप एक रात में बॉलीवुड में कोई बदलाव ला सकतीं, तो वह क्या होता? 
मैं इंडस्ट्री को और सपोर्टिव बनाना चाहती हूं। किसी के लिए दरवाजे जल्दी बंद नहीं होने चाहिए। जिंदगी एक पल में बदल सकती है। कभी-कभी टैलेंटेड लोगों को मौका नहीं मिलता है। मेरा माना है कि सभी लिए समान अवसर होने चाहिए।

आलोचना और असफलताओं के बावजूद आप खुद को कैसे इंस्पायर करती हैं?
सोच सबसे अहम है। जब आप जिंदगी में खुश होते हैं, तो इंस्पिरेशन अपने अच्छे काम से मिलती है। परिवार को गर्व महसूस कराने से मिलती है। मुझे दूसरों की राय की परवाह नहीं है। मैं बस काम करना चाहती हूं । मैं चाहती हूं  कि मेरी बेटी यह सीखे कि महिलाएं शादी और मां बनने के अलावा भी जिंदगी में सपने देख सकती हैं। मैं अपनी विरासत के रूप में यही बात छोड़कर जाना चाहती हूं ।

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