पिछले दो साल से चल रहा गांधी महोत्सव अब इस गांधी जयंती पर समाप्त होने वाला है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस महोत्सव का समापन 'गांधी फिल्मोत्सव' के साथ करने की तैयारी की है। इस फिल्मोत्सव में 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक महात्मा गांधी पर बनी कुछ डॉक्युमेंट्रीज को दिखाया जाएगा जिसमें गांधी के विचार और उनके आदर्शों का उल्लेख होगा। मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज जारी करके बताया है कि इस फिल्मोत्सव के दौरान दिखाई जाने वाली फिल्मों का प्रसारण उनकी फिल्म डिवीजन की वेबसाइट
www.filmsdivision.org और उनके यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा।
इस गांधी महोत्सव की शुरुआत 2 अक्टूबर 2018 को की गई थी। आने वाली इस गांधी जयंती पर महात्मा गांधी की जयंती के 150 वर्ष पूरे हो जाएंगे। दो साल पहले यह महोत्सव 150 साल को पूरा करने के उपलक्ष में ही शुरू किया गया था। गांधी जयंती के 150 वर्ष पूरे होने का यह महोत्सव सरकार धूमधाम से मनाना चाहती थी लेकिन कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के बाद से फैली अव्यवस्था के कारण इसका आयोजन वैसे नहीं हो पा रहा है जिस तरह सरकार ने इसकी योजना बनाई थी। फिलहाल यह फिल्मोत्सव ऑनलाइन ही हो रहा है।
इस फिल्मोत्सव में 10 फिल्मों को दिखाया जाना है जिसकी शुरुआत महात्मा गांधी के अमर भजन 'वैष्णव जन तो…' पर बनी एक एनिमेशन फिल्म के साथ होगी। इसके बाद इसी कड़ी में 'डॉन ऑफ गांधियन एरा', '85 नायक नी पोल पोरबंदर', 'देन केम गांधी', 'द ग्रेट साल्ट मार्च', 'द हंड्रेड मिनट्स', 'गांधीजी- थ्रू द आईज ऑफ कार्टूनिस्ट', 'युग देवता', 'बापू ने कहा था' और 'अभी कल ही की बात है' को दिखाया जाएगा। 'युग देवता' एक एनिमेशन सीरीज है जो गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को दिखाती है। इसी तरह हर डॉक्यूमेंट्री के अंदर महात्मा गांधी के अनेक विचारों और उनके आदर्शों को दर्शाया गया है।
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