सुनहरे पर्दे पर रोमांस को बखूबी पेश करने वाले निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा का सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को यशराज स्टूडियो में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जहां अश्रुपूरित आंखों से बॉलीवुड समेत अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
यशराज स्टूडियो में सुबह से ही बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। स्टूडियो के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। हर कोई अपने इस प्रिय फिल्मकार के अंतिम दर्शन करना चाहता था। दोपहर एक बजे यशराज स्टूडियो से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई जो तीन बजे जुहू स्थित पवन हंस शवदाह गृह पहुंची। उनके बेटे आदित्य चोपड़ा ने उन्हें मुखाग्नि दी।
इस मौके पर अमिताभ बच्चन व शाहरुख खान जैसे कई कलाकारों की आंखें छलक आईं। मनोज कुमार, शशि कपूर, खय्याम, सुभाष घई, बोनी कपूर, प्रकाश झा, डेविड धवन, काजोल, श्याम बेनेगल, जावेद अख्तर, आशुतोष गोवारिकर, मुकेश भट्ट, सुनील शेट्टी, अनिल कपूर, शाहिद कपूर, विद्या बालन, रानी मुखर्जी समेत कई बड़े कलाकार वहां मौजूद थे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। मालूम हो कि डेंगू के चलते यश चोपड़ा को 14 अक्तूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार शाम पांच बजे उनका निधन हो गया।
यशराज स्टूडियो के उसी बड़े हॉल में सुबह 9 बजे से 12 बजे तक यश चोपड़ा का पार्थिव शरीर रखा गया था, जहां पिछले महीने उन्होंने धूमधाम से अपना 80वां जन्मदिन मनाया था। उनके पार्थिव शरीर को उनके पसंदीदा सफेद रंग के फूलों से ढका गया था। बाद में जिस एंबुलेंस के जरिए पार्थिव शरीर को शवदाह गृह तक ले जाया गया, उसमें उनके बेटे आदित्य और उदय के अलावा शाहरुख खान भी मौजूद थे। बॉलीवुड के छोटे बड़े हर अभिनेता, निर्माता या निर्देशक की जुबान पर एक ही बात थी कि वे जितने बड़े फिल्मकार थे, उतने ही विनम्र भी थे।
22 फिल्में बनाईं यश चोपड़ा ने
22वीं और अंतिम फिल्म ‘जब तक है जान’ 13 नवंबर को होगी रिलीज
प्रमुख फिल्में
धूल का फूल, दाग, दीवार, इत्तफाक, दिल तो पागल है, वक्त, त्रिशूल, काला पत्थर, मशाल, विजय, सिलसिला, कभी कभी, चांदनी, लम्हे, वीर जारा।