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Bollywood Movies on Ration: केंद्र-राज्य सरकारें दे रहीं फ्री राशन, रोटी पर बनीं ये फिल्में देख नम हो जाएंगी आंखें

Fri, 08 Apr 2022 03:13 PM IST
वर्तिका तोलानी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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रोटी पर आधारित फिल्में - फोटो : सोशल मीडिया
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कोरोना काल की शुरुआत से देशभर में गरीबों को फ्री राशन देने की योजना चलाई जा रही है, जिसे केंद्र सरकार ने एक बार फिर छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। उधर, उत्तर प्रदेश की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के बाद योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भी फ्री राशन बांटने की योजना को बढ़ा दिया है। .... लेकिन क्या आप जानते हैं कि राशन यानी रोटी का बॉलीवुड कनेक्शन भी काफी तगड़ा है। आज के दौर में सिनेमा का रूप भले ही बदल गया हो, लेकिन एक दौर ऐसा भी था, जब फिल्मों की बुनियाद मूलभूत जरूरतों पर रखी जाती थी और आम मुद्दे ही काफी हावी रहते थे। इस रिपोर्ट में हम आपको ऐसी ही चुनिंदा फिल्मों से रूबरू करा रहे हैं, जिनमें रोटी की कहानियां आपकी आंखें आज भी नम कर देंगी। 

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रोटी पर रिलीज हुईं कुल चार फिल्में
बॉलीवुड की बात करें तो यहां इंसान की बुनियादी जरूरत रोटी पर चार फिल्में बनी हैं। इनमें पहली दो फिल्मों के नाम रोटी ही थे। वहीं, तीसरी फिल्म रोटी कपड़ा और मकान व चौथी फिल्म रोटी की कीमत थी। इनमें पहली फिल्म रोटी 1942 में रिलीज हुई, जबकि दूसरी वाली फिल्म 1974 में आई थी। इसी साल रोटी कपड़ा और मकान भी रिलीज हुई थी, जबकि रोटी की कीमत फिल्म 1990 में आई थी। अब हम आपको चारों फिल्मों की कहानियों और उनके कलाकारों से रूबरू कराते हैं। साथ ही, बताते हैं कि इन तीनों फिल्मों ने कैसे भारतीय जनमानस के मन को छू लिया था। 

रोटी (1942)
बता दें कि 1942 में बनी रोटी फिल्म के पीछे की कहानी ही एकदम अलग है। 1940 के दौरान मशहूर सिंगर अनिल बिस्वास के अजीत दोस्त और निर्माता-निर्देशक महबूब खान की तबीयत खराब थी। पेट की बीमारी की वजह से डॉक्टरों ने रोटी खाने पर रोक लगा दी थी। महबूब खान ने एक-दो दिन किसी तरह गुजारा किया, लेकिन उसके बाद वह रोटी के लिए तड़पने लगे। यह देखकर अनिल बिस्वास को भी तकलीफ होती थी। इसके चलते उनके मन में ख्याल आया कि जिनके लोगों के पास खाने के लिए रोटी नहीं होती है, उनका क्या होता है। इसके बाद 1942 में रोटी फिल्म रिलीज हुई और सुपरहिट रही। इस फिल्म में चंद्रमोहन, सितारा देवी, शेख मुख्तार ने अहम किरदार निभाए और हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में 'रोटी' नाम का एक और नगीना जुड़ गया।

रोटी (1974)
ये पब्लिक है सब जानती है... बाबू मोशाय यानी राजेश खन्ना का यह गाना आज भी लोगों की जुबां पर यदा-कदा आ ही जाता है। ...और यह गाना था 1974 में रिलीज हुई फिल्म रोटी का, जिसे मनमोहन देसाई के निर्देशन में रजनी देसाई ने तैयार किया था। राजेश खन्ना और मुमताज अभिनीत इस फिल्म में लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने संगीत दिया था। यह उस जमाने की सुपर-डुपर हिट फिल्म साबित हुई थी। 

रोटी कपड़ा और मकान (1974)
रोजी-रोटी और महंगाई के मुद्दे पर बनी यह फिल्म अपनेआप में बेजोड़ थी। यही वजह है कि आज भी जब चीजों के दाम बढ़ते हैं तो इस फिल्म का गाना 'महंगाई मार गई' लोगों के जेहन में गूंजने लगता है। मनोज कुमार, अमिताभ बच्चन, शशि कपूर और जीनत अमान जैसे दिग्गज सितारों से सजी यह फिल्म उस वक्त की सबसे बड़ी हिट में शामिल थी। इस फिल्म में आम इंसान से जुड़े मसलों को इस कदर पेश किया गया था कि हर शख्स ने खुद को फिल्म की कहानी से जोड़ लिया था। 
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रोटी की कीमत (1990) 
मिथुन चक्रवर्ती, किमी काटकर और सदाशिव अमरापुरकर अभिनीत फिल्म रोटी की कीमत 1990 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में आम आदमी की मजबूरी को दिखाया गया था। पूरी कहानी शंकर (मिथुन चक्रवर्ती) के इर्द-गिर्द घूमती है। वह काफी सज्जन इंसान, लेकिन काफी गरीब होता है। इसके चलते उसकी मां को रोटी खरीदने के लिए अपना खून तक बेचना पड़ जाता है।
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