साल 2024 की शुरुआत और पहले ही हफ्ते में सिनेमाघरों में ‘फायर ऑफ लव: रेड’। फिल्म में पोस्टर और पायल घोष का लहंगा छोड़ के और कुछ भी लाल नजर नहीं आया। फिल्म को निर्देशक अशोक त्यागी ने बनाया है जो इससे पहले ‘रियासत’ फिल्म बना चुके हैं। ‘रेड’ में भी अशोक त्यागी ने वही किया जो इन्होंने ‘रियासत’ में किया था यानी एक ही सीन को बार बार दोहराना। इरादे उनके ‘बरसात’ और ‘महल’ जैसी थ्रिलर बनाने के रहे होंगे, लेकिन दर्शकों के सामने जो आया है वह ‘क्राइम पेट्रोल’ और ‘सीआईडी’ के एक लंबे एपिसोड से ज्यादा कुछ नहीं हैं। भर भर के गालियां हैं, ड्रग्स है और पायल घोष हैं। बस फिल्म नहीं है।
निर्देशन के नाम पर कुछ नहीं
फिल्म के निर्देशक अशोक त्यागी ने फिल्म के सीन यूं लगता है कि क्राइम पेट्रोल और सीआईडी से उठाए हैं। डायलॉग उन्होंने हिंदी सिनेमा के शुरुआत से लेकर ओटीटी के समय तक सारी फिल्मों से ले लिए हैं। गालियां भी वह ओटीटी से उधार ले आए हैं। फिल्म को जबरदस्ती हॉरर फिल्म का संगीत दे कर सस्पेंस बनाने की कोशिश भरपूर की गई है, लेकिन मामला जमा नहीं। नए साल की शुरुआत इस तरह की फिल्म देखकर कोई क्यों ही करना चाहेगा, ये फिल्म के निर्माता ही अच्छी तरह से बता सकते हैं।