बाला साहब ठाकरे से भारत की राजनीति ही नहीं बल्कि फिल्में भी प्रभावित रही हैं। प्रयोगधर्मी निर्देशक रामगोपाल वर्मा ने बाला साहब की जिंदगी और उनकी लाइफ स्टाईल से प्रेरित होकर 'सरकार' फिल्म बनाई। 2005 में रिलीज हुई इस फिल्म में बाला साहब की भूमिका अमिताभ बच्चन ने निभाई थी।
रोल में गहराई आए इसके लिए रामगोपाल वर्मा के साथ अमिताभ बच्चन खुद एक-दो बार बाला साहब से मिलने गए। हालांकि इस बात को कभी औपचारिक रूप से नहीं स्वीकारा गया कि यह फिल्म बाला साहब से प्रेरित या उनकी जिंदगी पर आधारित है। फिल्म की कहानी का जो स्वरूप था, उससे यह अंदाजा लगाना आसान था कि बाला साहब इसमें मौजूद हैं।
अमिताभ बच्चन को ठाकरे का ही लुक दिया गया था। सुभाष नागरे का किरदार निभा रहे अमिताभ बच्चन समाज सेवा की वही जुबान बोलते दिखते हैं जो बाला साहब की पहचान मानी जाती है। यह फिल्म सफल रही थी।
फिल्म रिलीज से पहले किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए यह फिल्म बाला साहब को दिखाई गई थी। उन्हें यह फिल्म अच्छी लगी थी।
हालांकि उस समय ट्रेड पंडितों को लग रहा था कि फिल्म रिलीज नहीं हो पाएगी क्योंकि उसमें दिखाया गया है कि नागरे का अपना गैर कानूनी साम्राज्य है, जो अपने हिसाब से नैतिकता और सिद्घांतों का पालन करता है। 2005 में रिलीज हुई 'सरकार' की सफलता के बाद 2008 में इस फिल्म का सीक्वेल 'सरकार राज' के नाम से बना था। यह फिल्म भी सफल रही थी।