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Tipu: संदीप सिंह ने जारी किया मुंह पर कालिख लगे ‘टीपू’ का पोस्टर, मैसूर के राजा की हकीकत उजागर करने का दावा

Thu, 04 May 2023 10:34 AM IST
निधि पाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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टीपू पोस्टर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
गुरुवार की सुबह यहां मुंबई में भारतीय सिनेमा का एक नया अध्याय लिखने की कोशिश करती दिख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक बनाने वाले निर्माता संदीप सिंह ने अपनी एक नई फिल्म ‘टीपू’ का एलान किया है, जिसमें टीपू सुल्तान के चेहरे पर कालिख पुती नजर आ रही है। इरादा साफ है कि वह टीपू सुल्तान का वह चेहरा दिखाने की कोशिश करने जा रहे हैं, जिसके दामन पर ही नहीं बल्कि चेहरे पर भी दाग ही दाग नजर आने वाले हैं। संदीप इन दिनों सावरकर पर एक फिल्म ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ भी बना रहे हैं जिसमें रणदीप हुड्डा न सिर्फ लीड रोल कर रहे हैं, बल्कि इसका निर्देशन भी कर रहे हैं।
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टीपू सुल्तान - फोटो : सोशल मीडिया

निर्माता-निर्देशक और अभिनेता संजय खान ने दूरदर्शन के के लिए साल 1990 में ‘द स्वॉर्ड ऑफ टीपू सुल्तान’ का निर्माण किया था। यह धारावाहिक उन दिनों खूब पसंद किया गया था जिसमें टीपू सुल्तान की वीरता का खूब बखान किया गया था। टीपू सुल्तान को इतिहास अब तक एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जानता रहा है जिसने बहादुरी से अंग्रेजों का मुकाबला किया। इतिहास की पाठ्यपुस्तकें टीपू की उपलब्धियों से भरी हुई हैं। उनके कौशल ने उनके क्षेत्र में प्रशासनिक परिवर्तन लाए और युद्ध के मैदान में दुश्मनों का मुकाबला करने के लिए हथियारों में नवीन तकनीकों का परिचय दिया। लेकिन, अब समय बदल रहा है।

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टीपू पोस्टर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

निर्माता संदीप सिंह ने अपनी सहयोगी निर्माता रश्मि शर्मा के साथ मिलकर जिस फिल्म टीपू' की घोषणा की है, वह उनके मुताबिक मैसूर के इस राजा की धार्मिक कट्टरता को उजागर करने वाले इतिहास का एक टुकड़ा है। संदीप सिंह कहते हैं,  'टीपू सुल्तान  कितने कट्टर और जिहादी थे, इस बात को लोग कम ही जानते हैं। हमारे इतिहास की पाठ्यपुस्तकें टीपू की उपलब्धियों से भरी हुई हैं। लेकिन जब फिल्म के लेखक रजत सेठी ने  गहन शोध के बाद फिल्म की कहानी लिखी, तो पढ़कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए। टीपू सुल्तान की असलियत जान कर मैं स्तब्ध था। इस फिल्म के माध्यम से आने वाली  पीढ़ी के लिए उसके अंधेरे पक्ष को उजागर करना चाहता हूं।'

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टीपू सुल्तान - फोटो : सोशल मीडिया

फिल्म ‘टीपू’ को निर्देशित करने जा रहे पवन शर्मा कहते है, 'एक कट्टर मुस्लिम राजा के रूप में उनकी वास्तविकता जानने के बाद मैं पूरी तरह से  हिल गया और मुझे बहुत निराशा भी हुई। हमारे इतिहास में टीपू सुल्तान को नायक की तरह पेश करने के लिए छेड़छाड़ की गई है जबकि उसने  लोगों को इस्लाम में धर्मांतरण के लिए मजबूर किया और मंदिरों और चर्चों को नष्ट कर दिया। टीपू सुल्तान की इस्लामिक कट्टरता उनके पिता हैदर अली खान की तुलना में बहुत खराब थी। वह उस जमाने का हिटलर था।'

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टीपू सुल्तान - फोटो : सोशल मीडिया

वहीं फिल्म के लेखक रजत सेठी कहते हैं,  'टीपू सुल्तान एक ऐसी ऐतिहासिक हस्ती हैं जिनकी प्रशंसा को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया है और उनकी क्रूरताओं को हमारी पाठ्यपुस्तकों में बड़े करीने से छुपाया गया है। न केवल इतिहास बल्कि लोकप्रिय संस्कृति, फिल्मों, थिएटरों आदि ने भी व्यवस्थित रूप से टीपू के यथार्थवादी और संतुलित चित्रण की उपेक्षा की है। यह फिल्म इसी कहानी में सुधार लाने का एक प्रयास है।'

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