अग्निहोत्री ने कहा कि उनकी मृत्यु के तुरंत बाद, शास्त्री के परिवार वालों ने आधिकारिक रूप से तत्कालीन कार्यवाहक प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा से पोस्टमार्टम का अनुरोध किया था, लेकिन उसपर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, "उनके परिवार ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी से भी अनुरोध किया था, लेकिन एक बार फिर उसपर ध्यान नहीं दिया गया"
अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि यह कितनी अजीब बात है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत के पास शास्त्री की मौत के पीछे के रहस्य को उजागर करने के लिए कोई जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे को पिछले 50 वर्षों से संसद में उठाया जा रहा है और अभी तक हम सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने सच्चाई खोजने की कोशिश की और इसलिए मैंने आरटीआई दायर की, लेकिन मुझे निराशा हाथ लगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आरटीआई में जवाब दिया गया कि इससे संबंधित कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। हमारे प्यारे प्रधानमंत्री की मृत्यु हो गई और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के पास कोई जानकारी और दस्तावेज नहीं हैं।’’ अग्निहोत्री ने हालांकि, उम्मीद जतायी कि फिल्म जवाब दे सकती है।
उनका मानना है कि फिल्म भारतीय राजनीति की कहानी को बदल देगी। इस फिल्म में दिग्ग्ज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और मिथुन चक्रवर्ती ने मुख्य भूमिका निभायी है। अग्निहोत्री अपनी फिल्म "द ताशकंद फाइल्स" को फरवरी या मार्च के अंतिम हफ्ते में रिलीज करने पर विचार कर रहे हैं।