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फिल्म समीक्षा: 'जय हो डेमोक्रेसी' देखने जा रहे हैं तो संभल जाएं

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वार छोड़ ना यार, क्या दिल्ली क्या लाहौर और फिल्मिस्तान पिछले एक-डेढ़ साल में आई वे फिल्में हैं जिनमें भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध, राजनीति और मीडिया के अधैर्य को केंद्र में रखा गया है। इन फिल्मों में बातों को व्यंग्य की धार पर कसा गया है।
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जाने भी दो यारो जैसी क्लासिक फिल्म के संवाद लेखक रंजीत कपूर निर्देशित जय हो डेमोक्रेसी भी इसी श्रेणी का सिनेमा है। फर्क इतना है कि इसमें भारत-पाक युद्ध के साथ देश में लोकतंत्र का रथ हांकने वालों पर नकेल कसी गई है।

परंतु मुश्किल यह है कि फिल्म के प्लॉट में नाटकीयता की खास गुंजायश नहीं है। डेमोक्रिटिक व्यवस्था की तरह फिल्म एक वक्त के बाद ढीली पड़ जाती है।

आखिरकार इसका कौन असली नायक है

आप समझ नहीं पाते कि आखिरकार कौन इसका असली नायक है! कहानी भारत-पाक सीमा से शुरू होती है जहां नो-मैन्स लैंड में एक मुर्गी टहल रही है। दोनों तरफ के अफसर उस पर दावा करते हैं। परंतु मुर्गी नो-मैन्स लैंड से बाहर नहीं आती।

ऐसे में भारतीय अफसर अपने एक रसोइये को वहां भेजता है। जो दोनों तरफ की फायरिंग में फंस जाता है। इधर मीडिया दिखाता है कि सीमा पर युद्ध के हालत बन गए हैं। आनन-फानन में सरकार एक कमेटी गठित करती है, जिसे तय करना है कि क्या ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाए?

आप पाते हैं कि सीमा पर इंसानियत के सीने पर बंदूक रखी हुई है, न्यूज चैनलों को टीआरपी की चिंता है तथा कमेटी के नेता देश के हित में एक होकर सोचने के बजाय अपने-अपने स्वार्थों की लड़ाई में उलझे हैं।
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फिल्म बिखरती जाती है

घटनाएं निर्देशक ने पूरे कथानक को कॉमेडी के धागे में पिरोया है। परंतु यह धागा कच्चा है। जगह-जगह टूटता है। फिल्म बिखरती जाती है। फिल्म के दूसरे हिस्से में भारत-पाक सीमा पर ऑस्कर विजेता फिल्म नो मैन्स लैंड से प्रेरित कथानक चलने लगता है। मानवता का संदेश प्रसारित होता है।

फिल्म में अभिनय की दुनिया में जाने-पहचाने चेहरे हैं, मगर अनु कपूर और सतीश कौशिक को छोड़ कर कोई छाप नहीं छोड़ता। यहां स्क्रिप्ट और संवाद भी कमजोर हैं। फिल्म में रजतपट से ज्यादा रंगमंच के तत्व हैं। कुल मिला कर आप इसके बारे में कह सकते हैं, जाने भी दो यारो।

जय हो डेमोक्रेसी
-निर्माताः बिक्रमजीत सिंह भुल्लर
-निर्देशकः रंजीत कपूर
-सितारेः ओम पुरी, अनु कपूर, सतीश कौशिक, सीमा बिस्वास, आदिल हुसैन, मुकेश तिवारी
रेटिंग *1/2
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