फिल्म 'हैदर' के एक सीन में गजाला मीर बनी तब्बू का निकाह पढ़ा जाता है। फिल्म के इस छोटे से सीन में निकाह कराने वाले को असल जिंदगी में नौकरी से निकाल दिया गया है।
श्रीनगर के पुराने शहर की मस्जिद 'बाबा दावूद खाकी' के अधिकारियों ने इमाम गुलाम हसन शाह को मस्जिद की सेवाओं से मुक्त कर दिया है। फिल्म 'हैदर' में तब्बू का निकाह कराने वाले काजी गुलाम हसन शाह ही थे। लेकिन उनके निकाले जाने का कारण फिल्म का वह सीन बताया जाता है।