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Ghooskhor Pandat: मेकर्स के नाम बदलने के फैसले के बाद भी FWICE नाराज; अब की ये मांग; फिल्म पर प्रतिबंध की धमकी

Wed, 11 Feb 2026 08:00 AM IST
आराध्य त्रिपाठी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ghooskhor Pandat Row: नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेकर्स के नाम बदलने के फैसले के बाद भी अब फिल्म बॉडी ने नई मांग कर दी है। जानिए क्या है वो मांग और क्यों दी मनोज बाजपेयी के साथ किसी को काम न करने देने की धमकी…
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घूसखोर पंडित में मनोज बाजपेयी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ अपनी घोषणा के बाद से ही विवादों में घिरी हुई है। फिल्म के नाम को लेकर ब्राह्मण समुदाय ने नाराजगी जताते हुए कड़ा विरोध जताया। मामला कोर्ट तक पहुंच गया और फिल्म को भड़काऊ बताते हुए रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई। वहीं दूसरी ओर फिल्म बॉडी ने भी फिल्म पर बैन की धमकी दी। अंतत: नेटफ्लिक्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में जानकारी दी कि मेकर्स फिल्म का नाम बदलने को तैयार हैं। जिसके बाद फिलहाल कोर्ट ने तो मामले का निपटारा कर दिया है। लेकिन अभी भी फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज (FWICE) इस फैसले से असंतुष्ट नजर आ रहा है। उसकी ओर से अब एक नई मांग की गई है।

फिल्म पर आपत्ति जताने वालों के लिए हो स्पेशल स्क्रीनिंग

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मेकर्स के नाम बदलने के फैसले के बाद एफडब्ल्यूआईसीई का कहना है कि केवल शीर्षक बदलने से उनकी चिंताएं दूर नहीं होंगी। FWICE के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने इंडिया टुडे से कहा, ‘फिल्म निर्माताओं का शीर्षक बदलना और सभी प्रचार सामग्री हटाना समझदारी भरा कदम था। लेकिन क्या इतना काफी है? बिलकुल नहीं। जिन भी समूहों को फिल्म के शीर्षक से आपत्ति है या जो खुद को लक्षित महसूस करते हैं, उन्हें रिलीज से पहले फिल्म देखने का अधिकार होना चाहिए।
यह फिल्म निर्माताओं के लिए एक सबक बनना चाहिए, ताकि वे जाति और धर्म के प्रति अधिक संवेदनशील हों। अगर फिल्म निर्माता सहमत नहीं होते हैं, तो हम उनके खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू करेंगे। फिल्म पर प्रतिबंध तो लगेगा ही, साथ ही नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी के साथ किसी को भी काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’

टाइटल रजिस्टर होता तो नहीं बढ़ता विवाद

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बीएन तिवारी ने आगे यह भी कहा कि फिल्म का टाइटल रजिस्टर भी नहीं कराया गया था। ओटीटी पर कोई सेंसरशिप नहीं है, लेकिन आपको इंडस्ट्री के कामकाज के तरीके का सम्मान करना चाहिए। यह फिल्म को सनसनीखेज बनाने का एक चालाकी भरा प्रयास प्रतीत होता है। मुझे लगता है कि अगर उन्होंने टाइटल रजिस्टर कराया होता, तो उन्हें चेतावनी मिल जाती और यह विवाद इतना बढ़ता ही नहीं। इंसानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना गलत है और फिल्म निर्माताओं को अधिक जागरूक होने की जरूरत है। इससे पहले, एफडब्ल्यूआईसीई ने फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।

यह खबर भी पढ़ेंः Ghooskhor Pandat: बदल जाएगा ‘घूसखोर पंडित’ का नाम, विवाद बढ़ने पर मेकर्स ने लिया फैसला; कोर्ट को दी जानकारी

ऐसे शुरू हुआ विवाद
फिल्म को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब 3 फरवरी को नेटफ्लिक्स ने अपने आगामी प्रोजेक्ट्स में एक कार्यक्रम में 'घुखोर पंडित' का पहला लुक और टीजर जारी किया गया। मनोज बाजपेयी स्टारर नेटफ्लिक्स की इस फिल्म को लेकर विवाद इसके शीर्षक को लेकर उठा, जिसे कई लोग ब्राह्मण समुदाय के प्रति अपमानजनक मानते हैं। कई लोगों ने इसे अपमानजनक बताया और इसे 'पंडित समुदाय' की गरिमा पर हमला बताया। फिलहाल अब मेकर्स फिल्म का नाम बदलने को तैयार हैं।

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