प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन, सिनटा और एफडब्ल्यूआईसीई
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देश में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लागू होने के बाद फिल्मी कारीगरों की मदद करने के लिए कारीगरों की फेडरेशन और यूनियनें आगे तो आईं लेकिन सिर्फ खाना खिलाने के लिए। संकट के लगभग सात हफ्ते बीत जाने के बाद जब भारत सरकार ने लॉकडाउन में थोड़ी ढील दी तो मुंबई के तमाम कारीगर अपने घरों को निकल रहे हैं। मुंबई से फिल्म कारीगीरों के इस पलायन को रोकने के लिए फेडरेशन का अब फिल्मों और टीवी सीरियल्स की शूटिंग फिर से शुरू करने की तरफ ध्यान गया है। और, इसके लिए तमाम यूनियनों के मुखियाओं की एक ऑनलाइन मीटिंग होने जा रही है।
कई दिनों से खबरें आ रही थीं कि मुंबई में फिल्मों और टीवी धारावाहिकों की शूटिंग जून के अंतिम सप्ताह से शुरू हो जाएंगी। इस बात को और ज्यादा पुख्ता माना जा रहा था क्योंकि यह बात फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज के प्रमुख बीएन तिवारी ने कही थी। लेकिन अब फेडरेशन की ओर से जारी की गई एक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि मीडिया और दूसरे सूत्रों से फैल रही मौखिक खबरों पर भरोसा ना करें। फेडरेशन मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए बहुत चिंतित हैं। लेकिन जब तक वह किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच जाते, तब तक वह शूटिंग शुरू करने का फैसला नहीं ले सकते।
फेडरेशन ने अब एक रिलीज जारी करके अपनी सहायक यूनियनों आईएमपीपीए, आईएफटीपीसी, गिल्ड, डब्ल्यूआईएफपीए और चैनलों जी टीवी, कलर्स, स्टार टीवी और सोनी टीवी के साथ एक ऑनलाइन मीटिंग करने का फैसला किया है। इस मीटिंग में निर्माताओं और ब्रॉडकास्टर्स के साथ सभी नफा और नुकसान पर गहराई से बातचीत होगी। हालांकि रिलीज में यह भी साफ कर दिया गया है कि जब तक सरकार या सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन जारी नहीं कर देता, तब तक शूटिंग को शुरू नहीं किया जा सकता। इस मीटिंग के हो जाने के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी।