अभिनेत्री फातिमा सना शेख ने आमिर खान की फिल्म दंगल में शानदार अभिनय से सुर्खियां बटोरी है। फातिमा ने अब अपनी एपिलेप्सी या मिर्गी की बीमारी के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ था कि उन्हें कोई मानसिक बीमारी है।
फातिमा सना शेख
- फोटो : इंस्टाग्राम @fatimasanashaikh
डर था कि सबके सामने न पड़े दौरा
फिल्मफेयर के साथ इंटरव्यू के दौरान फातिमा सना शेख ने कहा, "दंगल की शूटिंग के दौरान मुझे मिर्गी (एपिलेप्सी) की बीमारी होने का पता चला। पहले तो मैं इनकार कर रही थी और यह स्वीकार करने को तैयार नहीं थी कि मुझे न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, इसलिए मैंने कोई दवा नहीं ली। मुझे डर था कि लोगों के सामने मुझे मिर्गी (एपिलेप्सी) का दौरा पड़ सकता है। मिर्गी के साथ बहुत सारे कलंक जुड़े हुए हैं। लोगों को लगता है कि आप या तो ड्रग्स ले रहे हैं, ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं या भूत-प्रेत से ग्रसित हैं और इससे बचना चाहिए।"
फातिमा सना शेख
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दवाइयां नहीं ले रही थीं फातिमा
फातिमा ने बातचीत के दौरान कहा कि वे अपनी दवाइयां समय से नहीं ले रही थीं। उन्होंने कहा कि इसलिए मुझे और अधिक दौरे पड़ते थे। मैं दवाइयां नहीं लेना चाहती थी, मैं न केवल लोगों से लड़ रही थी बल्कि दवाइयों से भी लड़ रही थी। मुझे लगा कि सामान्य जीवन जीने के लिए मुझे उनकी जरूरत नहीं है।
फातिमा सना शेख
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फ्लैशलाइट से होती है परेशानी
मुझे एक हफ्ते में एक या दो बार दौरे पड़ते थे और कार्यक्रम से पहले की चिंता बहुत ज्यादा होती थी। मैं इतना डर गई थी कि मैंने इवेंट और स्क्रीनिंग में जाना बंद कर दिया। आखिरकार, मैंने पैपराजी को अपनी स्थिति के बारे में बताया और वे अविश्वसनीय रूप से विचारशील थे। उन्होंने इस बात का ध्यान रखा कि जब मैं आस-पास होती तो फ्लैशलाइट का इस्तेमाल न करें। कभी-कभी, मेरे सहकर्मी समझ नहीं पाते थे, लेकिन पैपराजी समझ जाते थे।"