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मुकेश: जग में रह जाएंगे प्यारे तेरे बोल

Fri, 22 Jul 2016 12:22 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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मुकेश आज हमारे बीच होते तो 93 साल के होते, लेकिन वक्त ने उन्हें हम से बहुत जल्दी छीन लिया। 'जीना यहां मरना यहां', 'कहता है जोकर, सारा जमाना' और 'दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई' जैसे गीत गाने वाले मुकेश 22 जुलाई 1976 को दिल्ली में पैदा हुए। दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद मुकेश को नौकरी मिल गई लेकिन उनकी किस्मत में कुछ और ही था।
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मुकेश स्कूल के दिनों में ही अपनी सुरीली आवाज के लिए दोस्तों के बीच मशहूर हो गए थे लेकिन असली मुकेश का सफर शुरू हुआ उनके मुंबई आने के बाद। मुकेश तो दरअसल हीरो ही बनने की कोशिश कर रहे थे। 1941 में आई पहली फिल्म 'निर्दोष' में मुकेश ने अदाकारी करते दिखे और गाने भी गाए। मुकेश ने 'आह', 'अनुराग' और 'दुल्हन' में भी बतौर अभिनेता काम किया था। अभिनेता मुकेश तो ज्यादा सफल ना रहा लेकिन गायक मुकेश की आवाज सबको भा गई।

शुरुआत में मुकेश की आवाज में सबसे ज्यादा गीत दिलीप कुमार पर फिल्माए गए। इसके बाद जैसे-जैसे राजकपूर का उदय हुआ मुकेश उनके चहेते हो गए। मुकेश ने राजकपूर के लिए इतने गाने गाए कि उन्हें राजकपूर की आवाज कहा जाने लगा। खुद राजकपूर ने उनकी मौत पर कहा था, मेरी आवाज चली गई।
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1959 में फिल्म 'अनाड़ी' के लिए मुकेश को  'सब कुछ सीखा हमने न सीखी होशियारी' गाने के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवार्ड मिला। मुकेश फिल्मफेयर पुरस्कार पाने वाले पहले पुरुष गायक थे। इसके बाद तो तो मुकेश ने गायकी की दुनिया पर अपनी मौत तक लगातार राज किया।

मुकेश की निजी जिदंगी भी दिलचस्प है। मुकेश को एक गुजराती लड़की सरला से प्यार हो गया, परिवार को जब इसका पता चला तो कोहराम मच गया। परिवार ने साफ कर दिया कि ये शादी नहीं हो सकती। मुकेश ने किसी की नहीं मानी और 1946 में सरला से शादी कर ली
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मुकेश का निधन 27 अगस्त, 1976 को अमेरिका में एक स्टेज शो के दौरान दिल का दौरा पड़ने से हुआ।
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