अचानक हो गई थी तबीयत खराब, डॉक्टरों ने दे दिया था जवाब
दरअसल, योगराज सिंह का यह हृदय परिवर्तन एक हादसे के बाद हुआ, जिसमें उनका साक्षात्कार मौत से हुआ। फाइववुड पॉकास्ट पर उन्होंने कहा कि कुछ माह पहले उनकी जान जाते-जाते बची थी। अचानक उनके पेट में तेज दर्द उठा था। वे अस्पताल भागे। वहां कुछ टेस्ट हुए और उन्हें बताया गया कि उनका ऑपरेशन होगा, जिसमें बचने की संभावना बेहद कम है। योगराज सिंह ने कहा कि उनका बच जाना एक चमत्कार था। इस अनुभव ने उनके अंदर सबकुछ बदल दिया।
'युवी की मां से माफी मांगता हूं'
पॉडकास्ट में योगराज सिंह से पूछा गया कि क्या उन्हें जिंदगी में कोई पछतावा है? इस पर उन्होंने कहा, 'कई सारे पछतावे हैं। जो भी मैंने किया वह मेरे आत्म सम्मान और मेरे परिवार पर आ गई थी। मैंने वे सभी यादें मिटा दी हैं, क्योंकि मैंरे गुरु ने मुझे ऐसा करने के लिए कहा था। मैं हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। मैं गुजारिश करता हूं कि जिनको मैंने नुकसान पहुंचाया है, कोई बाहर का हो या घरवाला मुझे माफ कर दें। मैं अपने बच्चे और अपनी पत्नी युवी की मां और सभी से माफी मांगता हूं। सब मेरी गलती थी'।
17 साल की उम्र में पिता से अलग हो गए थे युवराज
बता दें कि इस अनुभव से पहले योगराज सिंह कई बार यह कह चुके थे कि उन्हें जिंदगी में कोई पछतावा नहीं है। अगर उन्हें युवराज को पालने का एक और मौका मिला, तो वह उनके साथ फिर से वैसा ही करेंगे। लेकिन अब अचानक योगराज सिंह के सुर बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि अब उनकी बस यही इच्छा है कि उन्हें इस जीवन से मोक्ष मिल जाए। बता दें कि युवराज सिंह और शबनम, एक्टर-क्रिकेटर योगराज सिंह को तब छोड़कर चले गए थे, जब युवराज 17 वर्ष के थे।