लंबे अरसे तक पर्दे के पीछे रहकर किया काम
फैसल मलिक का जन्म 01 सितंबर 1980 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ। उन्होंने अभिनय की दुनिया में करियर बनाने के लिए यह शहर छोड़ा। 'पंचायत' सीरीज के बाद फैसल मलिक को अभिनेता के तौर पर दर्शक बखूबी जानते हैं। मगर, इससे पहले मायानगरी में रहते हुए उन्होंने पर्दे के पीछे भी फिल्मी दुनिया में काफी काम किया। वे असिस्टेंट डायरेक्टर, प्रोमो प्रोड्यूसर, रियलिटी शो प्रोड्यूसर और लाइन प्रोड्यूसर के रूप में काम कर चुके हैं।
तकलीफ और टेंशन में कटी कई रातें
फैसल मलिक ने अमर उजाला के साथ बातचीत में अपनी जर्नी के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा 22 साल से जारी है। फैसल के मुातबिक, 'एक्टिंग में आने से पहले भी मैं काम करता था। पर्दे पर दिखने के बाद लोगों ने पहचाना, लेकिन जर्नी काफी पहले से ही जारी है। इससे पहले शो किया, प्रोडक्शन किया, बहुत काम किया, लेकिन अभी एक्टिंग करते हैं तो लोग देखते हैं। एक्टिंग में लोगों को सामने दिखता है तो वो पहचानते हैं। इस जर्नी में कई सौ रातें तकलीफ और टेंशन में कटी हैं'।
भाई और भाई के दोस्तों का मिला साथ
फैसल मलिक की परवरिश और पढ़ाई-लिखाई प्रयागराज में हुई है। बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था। फैसल के मुताबिक, पढ़ाई के अलावा बाकी चीजों में वे बहुत एक्टिव रहते थे। टीचर्स डे की एक्टिविटी आदि। उन्होंने घर पर अपने अभिनय के शौक को लेकर बताया। घर वालों के मन में बेटे को मुंबई भेजने को लेकर मन में डर था, मगर तब बड़े भाई ने प्रतिभा पर भरोसा किया। फैसल के मुताबिक, 'मेरे एक बड़े भाई दिल्ली में रहते हैं। उस वक्त वो मुंबई में नौकरी करने गए थे। मेरे भाई और भाई के दोस्तों को लगता था कि ये कुछ कर लेगा। वही तीन-चार लोग मुझे ट्रेन से मुंबई तक छोड़ने आए। एक्टिंग स्कूल में एडमिशन कराया, लेकिन मैं तीन-चार महीने में ही फ्लॉप हो गया। मुंबई शहर इतना महंगा है कि वो आपको ठीक कर देता है। यहां आपको मेहनत करनी पड़ेगी'।
महंगाई और चुनौतियों को देख लिया यह फैसला
फैसल के मुताबिक, 'मुंबई में महंगाई बहुत थी। फिर मैंने कुछ काम करना शुरू कर दिया फिर सोचा कि एक्टिंग भूल जाता हूं। फिर सोचा मास कॉम कर लेता हूं, उसमें फिल्ममेकिंग भी होती है। इस तरह सीखते-सीखते लाइफ शुरू की और प्रोडक्शन का काम शुरू किया। प्रोमोज में था। दो-तीन चैनल में काम किया। इंटरनेशनल शो में काम किया। पिक्चर बनाई। पिक्चर प्रोड्यूस की। यह सब करते-करते एक्टिंग में आया'। उनके एक्टिंग में आने का किस्सा भी बेहद दिलचस्प है। इसकी शुरुआत 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से हुई।
'वासेपुर' में मिला पहला मौका, 'पंचायत' ने बदली किस्मत
फैसल मलिक को 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में संयोग से अभिनय का अवसर मिला था। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया, 'मैं जब प्रोडक्शन करता था छोटा-मोटा तब 'वासेपुर' मिला। वासेपुर में मैंने जो एक्टिंग की तो एक्टिंग का पर्पस नहीं था, चले गए थे बस। वासेपुर में हम लोग प्रोडक्शन कर रहे थे। एक्टर जो था, वो चला गया। तब मुझे लाया गया। बाद में पता चला कि इस कैरेक्टर के अभी और पांच-छह सीन और हैं। मैंने कहा फंस गए। जब फिल्म आई तो लोगों को वह आदमी याद था। इस फिल्म के बाद भी मैंने कुछ समय तक एक्टिंग नहीं की। मेरे लिए सबकुछ 'पंचायत' ने बदला है। बता दें कि 'पंचायत' के तीन सीजन आ चुके हैं। 'पंचायत 3' के लिए फैसल को आईफा 2025 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड मिला।
फैसल मलिक की फिल्में और सीरीज
फैसल मलिक 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद फ्रॉड सैयां (2019), मस्त में रहने का (2023), डेढ़ बीघा जमीन (2024) और 'पड़ गए पंगे' (2024) जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। वे 'ब्लैक विडोज' और 'त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर' जैसी सीरीज में भी नजर आ चुके हैं। फैसल के वर्क फ्रंट की बात करें तो मैडॉक फिल्म्स के हॉरर यूनिवर्स की आगामी फिल्म 'थामा' में वे नजर आएंगे। इस फिल्म में आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना लीड रोल में हैं।