कई गाने ऐसे होते हैं जो किसी गायक की पहचान बन जाते हैं और जब भी वह नग़्मा हमारे ज़हन में आता है तो उसके गायक की आवाज़ भी जैसे कानों में गूंजने लगती है। ऐसा ही एक गीत है फ़िल्म 'उमराव जान' का 'ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें', इस गाने को सुनते ही ग़ज़ल गायक तलत अज़ीज़ की मखमली आवाज़ कानों में घुलने लगती है।
देश के लोकप्रिय ग़ज़ल गायकों की फ़ेहरिस्त में शामिल तलत अज़ीज़ ने कार्यक्रम ‘शख़्सियत’ में अपने जीवन से जुड़े कई अनुभव साझा किए जिसमें उन्होंने ग़ज़ल गायक ‘मेंहदी हसन से पहली मुलाकात’ से लेकर अपनी ‘पहली एल्बम’ तक की बातें कीं।
तलत कैसे ग़ज़ल गायक तलत बने इस सफ़र की गहन चर्चा भी बातचीत के दौरान की गयी। साथ ही गाने के अलावा तलत अज़ीज़ और क्या शौक रखते हैं और किन पेशों में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं, इस तरह के तमाम सवालों के जवाब सुनिए अमर उजाला डॉट कॉम की प्रस्तुति ‘शख्सियत’ में।