सलमान खान की 'ट्यूबलाइट' के खराब रिव्यू तो अब जगजाहिर हो ही चुके हैं। अगर आप अभी भी फिल्म को देखने की प्लानिंग कर रहे हैं हम आपको बताने जा रहे हैं फिल्म की वो आठ बातें जिनकी वजह से आपका मूड बदल जाएगा। जी हां फिल्म देखने जा रहे है तो इन बातों को जरूर जान लें।
1. यह ट्यूबलाइट नाम के अनुरूप शुरू से अंत तक लपक-झपक करती है। आप कहते रहते हैं, जल जा... जल जा... जल जा... परंतु वह पूरी तरह रोशन नहीं होती।
2. हल्के रोशनीदार मनोरंजन में आप खुश हो सकते हैं कि ट्यूबलाइट पर सलमान खान ब्रांड चिपका है तो फिल्म से काम चला लें। वर्ना इसे देखने की ठोस वजह नहीं है। बजरंगी भाईजान में सशक्त कहानी लाने वाले निर्देशक कबीर खान यहां कमाल नहीं करते।
3. लोकप्रिय छवि के विपरीत वह न रोमांस करते हैं, न कॉमेडी और न ऐक्शन। जीशान अयूब उन्हें जब-तब थप्पड़ मारते हैं।
4. चीन के साथ युद्ध में भी पाकिस्तान वाली भावनाएं पैदा नहीं होतीं। फिल्म में न देश प्रेम की ऊंची लहरें हैं और न फैन्स के लिए ठोस संदेश।
5. फिल्म से कनेक्ट होने से पहले सलमान से जुड़ाव की समस्या है। वह मंदबुद्धि हीरो के रूप में नहीं जमते।
6. पिटते सलमान के लिए तेरे नाम जैसी संवेदनाएं नहीं जागती। न मतिन के लिए बजरंगी वाली मुन्नी जैसे भाव उमड़ते हैं।
7. जूजू कम मौकों के बावजूद उपस्थित हैं। बालक मातिन भी ठीक हैं लेकिन सलमान के जिन कंधों पर दारोमदार था, उन्हें डायरेक्टर ने कमजोर कर दिया।
8. सलमान को रिलीज के बाद एहसास होगा कि कबीर ने चीटिंग की क्योंकि दर्शकों को यही लगता है। यह वह सलमान नहीं, जो सुपरस्टार है।