फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Durge Khote: जिसने बेटे के कत्ल के लिए सौंप दी पति को तलवार, दुर्गा खोटे की जंयती पर उनसे जुड़ी खास बातें

Tue, 14 Jan 2025 07:30 AM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Durga Khote Birth Anniversary: दुर्गा खोटे ने करीब 200 फिल्मों में अभिनय किया और खासकर मां और दादी के किरदारों में पहचान बनाई। 
 
विज्ञापन
दुर्गा खोटे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुर्गा खोटे ने अपनी अदाकारी से न केवल पर्दे पर अपनी पहचान बनाई, बल्कि भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए एक नया मुकाम स्थापित किया। 14 जनवरी 1905 को मुंबई में जन्म लेने वाली दुर्गा खोटे का फिल्म इंडस्ट्री में आना उस समय एक साहसिक कदम था। उन दिनों समाज में फिल्म इंडस्ट्री को लेकर कई पूर्वाग्रह और नकारात्मकता फैली हुई थी, जिन्हें दरकिनार करते हुए दुर्गा ने इस क्षेत्र में अपना करियर बनाया। आज उनकी जयंती पर आइए जानते हैं उनसे जुड़ी खास बातें...

विज्ञापन

Manisha Koirala: 54 साल की उम्र में दोबारा शादी करेंगी मनीषा कोइराला? बोलीं- किसने कहा मेरे पास कोई नहीं है

बचपन से था कला से लगाव
दुर्गा खोटे एक प्रतिष्ठित परिवार से थीं। बचपन में ही उन्हें कला और साहित्य से गहरा लगाव हो गया था, लेकिन जब उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने का मन बनाया तो यह निर्णय उनके परिवार और समाज के लिए चौंकाने वाला था। उस समय समाज में महिलाओं का फिल्म इंडस्ट्री में काम करना एक घृणित कार्य माना जाता था। इसके बावजूद दुर्गा ने अपने आत्मविश्वास और साहस के साथ इस राह पर चलने का फैसला किया।

संघर्षों से भरी रही जिंदगी
दुर्गा खोटे ने अपनी जिंदगी में काफी ज्यादा संघर्ष किया। महज 18 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई थी। उनके पति विश्वनाथ खोटे एक मैकेनिकल इंजीनियर थे। दोनों के दो बेटे भी हुए, लेकिन शादी के कुछ ही वर्ष बाद दुर्भाग्यवश उनके पति का निधन हो गया। इसके बाद दुर्गा आर्थिक तंगी से जूझने लगीं। अपने बच्चों की देखभाल के लिए उन्हें ट्यूशन पढ़ाने का काम करना पड़ा। इसी दौरान उन्हें फिल्म ‘फरेबी जाल’ में एक छोटा सा रोल निभाने का मौका मिला, लेकिन यह फिल्म दर्शकों के बीच नाकाम रही। इस फिल्म के लिए दुर्गा को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा।

वी शांताराम ने दिया बड़ा मौका
हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में दुर्गा खोटे का सफर यहीं खत्म नहीं हुई। मशहूर फिल्म निर्देशक वी शांताराम ने उन्हें अपनी फिल्म ‘अयोध्येचा राजा’ में अहम भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में दुर्गा ने इस फिल्म को ठुकरा दिया, लेकिन शांताराम के समझाने और उन्हें भरोसा दिलाने के बाद वह इस फिल्म में अभिनय करने के लिए राजी हो गईं। फिल्म के रिलीज होने के बाद दुर्गा खोटे की अदाकारी को बहुत सराहा गया और उन्हें दर्शकों का प्यार मिलने लगा। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी, जिनमें ‘माया मछिन्द्र’ जैसी फिल्में भी शामिल थीं।

कई भाषाओं की फिल्मों में किया काम
दुर्गा खोटे का फिल्मी करियर सिर्फ हिंदी सिनेमा तक सीमित नहीं था। उन्होंने मराठी और बंगाली भाषाओं में भी अपनी अदाकारी से वाहवाही बटोरी। इसके अलावा, उन्होंने फिल्म निर्माण में भी हाथ आजमाया। उन्होंने और उनके पति राशिद खान ने मिलकर ‘फैक्ट फिल्म्स प्रोडक्शन हाउस’ की शुरुआत की और कई शॉर्ट फिल्में बनाई, जिनकी काफी सराहना हुई।
विज्ञापन

मुगल-ए-आजम में दुर्गा खोटे - फोटो : यूट्यूब
जब मां ने पति को दी बेटे के कत्ल के लिए तलवार...
दुर्गा खोटे ने फिल्म इंडस्ट्री में लगभग 200 फिल्मों में काम किया। वह 50 साल तक इस क्षेत्र में सक्रिय रहीं। खासकर उन्होंने मां और दादी के किरदारों से खूब पहचान मिली।  वह बड़े पर्दे पर अपने बेटे के कत्ल के लिए पति को तलवार देने के लिए भी काफी ज्यादा चर्चा में रहीं। फिल्म मुगल-ए-आजम में उन्होंने जोधाबाई का किरदार निभाया था। इस फिल्म का उनका एक सीन काफी ज्यादा  हिट हुआ था, जिसमें वह शहंशाह अकबर को तलवार देते हुए कहती हैं, "आपने सुहाग की लाली मेरे माथे से मिटो तो दी, लेकिन इसे अब आपको मेरे बेटे सलीम के खून से ये लाली लगानी होगी...सुहाग की कीमत अगर औलाद का खून है तो लीजिए यह तलवार और बड़े ही खुशी से अपनी औलाद का कत्ल कर दीजिए...मैं उफ्फ तक नहीं करूंगी।" यह आइकॉनिक डायलॉग दुर्गा खोटे का आज तक याद किया जाता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें