शिखा जोशी साहस का दूसरा नाम थी। वो 16 साल की उम्र में छह किलोमीटर चल कर श्रीराम कला केंद्र जाती थी। जहां वो चुहू डांस सीखती थी। उसने जाति की दीवारों को तोड़ते हुए शादी की और शादी टूटने के बाद अपनी बेटी को पाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी।
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दि टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शिखा ने एक सर्जन पर यौन शोषण के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। यही नहीं, उसने गुस्से में उस सर्जन के घर पर पत्थर बरसाए थे। इसकी कहानी ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट से जुड़ी है। जिस उम्र में अभिनेत्रियां फिल्मों से किनारा कर लेती हैं उसने फिल्म की और बोल्ड सीन दिए।
यही कारण हैं कि शिखा का परिवार उसकी आत्महत्या की बात पर यकीन करने को तैयार नहीं है। शिखा के भाई विशेष का कहना है कि मेरी बहन इतनी कमजोर नहीं हो सकती कि वो अपनी जिंदगी खत्म कर ले। आत्महत्या की बात कहकर कुछ छिपाने की कोशिश का जा रही है।
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हीरोइन की मौत का कारण बन गया ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट
विशेष के अनुसार शनिवार चार बजे उन्होने शिखा से बात की थी। तो शिखा ने अगले दिन केस की सुनवाई का जिक्र किया था जो डॉक्टर ने उसके खिलाफ दर्ज कराया था। शिखा सामान्य बात कर रही थी और उसने आर्थिक रूप से किसी मदद से भी इंकार कर दिया था। सात बजे उसकी रूममेट का फोन आया और बताया कि शिखा ने आत्महत्या कर ली है।
परिवार का कहना है कि सर्जन उससे केस वापस लेने को दबाव बना रहा था। सर्जन के खिलाफ उसने यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया था। 2006 में मॉडलिंग में कैरियर बनाने के लिए मुंबई आई थी। इस दौरान शिखा ने एक डॉक्टर से ब्रेस्ट प्रत्यारोपण कराया था।
ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट के वक्त डॉक्टर ने किया यौन शोषण का प्रयास
विशेष ने बताया कि वो पांच साल बाद ब्रेस्ट हटवाना चाहती थी। जब वह सर्जन के पास पहुंची तो उसने शिखा के यौन शोषण की कोशिश की। शिखा ने सर्जन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद लोग उसको जानने लगे।
शिखा का मां शिवा जोशी का कहना है कि वह सारी उम्र इंसाफ के लिए लड़ी। उसने बेटी को खुद से दूर रखा ताकि उसकी जिंदगी का असर उस पर ना पड़े। शिखा जोशी के परिवार का कहना है कि वह अंत तक शिखा को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ेगें। परिवार के सदस्यों ने शिखा की मौत की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
रोते-रोते परीक्षा देने गई हीरोइन की बेटी
शिखा का परिवार दिल्ली के शकरपुर इलाके में रहता है। उनकी एक 19 साल की बेटी है, श्रावणी। इन दिनों उसकी परीक्षाएं चल रही हैं। वो बीए सेकंड इयर की छात्रा है। मां की मौत की खबर के बाद वो टूट गई है।
लेकिन इन हालातों में वो अपनी परीक्षा की तैयारी कर रही है। रोते-रोते परीक्षा देने जा रही है। हाल ही में हिन्दी समाचार चैनल एबीपी न्यूज से की गई बातचीत में उसने मां के मौत के पीछे बड़ी साजिश की बात कही। उसने कहा कि वो अपनी मां की मौत की सीबीआई जांच कराना चाहती है।
उसके मुताबिक उसकी मां बहुत मजबूत महिला थी। श्रावणी कहती है की उनकी मां ने जो लड़ाई शुरू की है उसे वो आगे लेकर जाएंगी।
अपनी मां की मौत पर शिखा ने पांच बातें कहीं। पहली कि उनकी मां की रूममेट मधु ने उसे अस्पताल ले जाने में देरी क्यों की? मधु ने पहले शिखा का वीडियो बनाया जिसमे तकरीबन 20-30 मिनट की देरी हुई।
दूसरी कि जिस तरह से शिखा की गर्दन को काटा गया है, क्या ये संभव है की कोई खुद से इस तरह से अपनी गर्दन काट सके?
तीसरी शिखा ने मौत से एक दिन पहले यानी 14 मई को अपने पिता को मैसेज भेजकर किसी गड़बड़ी की आशंका जताई थी। मैसेज में उसने लिखा था की हमको शायद शूटिंग के नाम पर फंसा लिया गया है।
चौथी जिस डॉक्टर शर्मा के खिलाफ शिखा केस लड़ रही थी उसकी ओर से लगातार केस बंद करवाने का दबाव डाला जा रहा था लेकिन शिखा केस वापस नही ले रही थी। और पांचवी अगर वो अवसाद से ग्रस्त होती तो केस की सुनवाई के लिए 3 महीने पहले वापस क्यों जाती?