अपने बयान पलते सतीश
याचिका में उन्होंने दावा किया था कि दिशा के साथ दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। सतीश सालियान ने पांच साल पहले जोर देकर कहा था कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ और उसकी हत्या नहीं की गई। मीडिया द्वारा इस पर सवाल पूछे जाने पर सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा ने कहा कि 'परेशान पिता को कुछ राजनीतिक नेताओं और पुलिस ने बरगलाया, जो एक प्रमुख राजनेता के बेटे को बचाना चाहते थे।'
परमबीर सिंह इस मामले का मास्टरमाइंड
उन्होंने दावा किया कि परमबीर सिंह इस मामले को कवर अप करने के मुख्य मास्टरमाइंड हैं। ओझा ने कहा, 'परमबीर सिंह ने आदित्य ठाकरे को बचाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की और झूठ गढ़ा। एनसीबी की जांच से साबित होता है कि आदित्य ठाकरे ड्रग के धंधे में शामिल थे और इसका उल्लेख एफआईआर में भी किया गया है। कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी इस साजिश में शामिल थे, क्योंकि उन्होंने पुलिस और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया, झूठे पुलिस रिकॉर्ड तैयार किए, गवाहों को दबाया और आपराधिक सबूत छिपाने की कोशिश की।'