फिल्म इंडस्ट्री में और खासकर बॉलीवुड में गोरे रंग को लेकर एक खास किस्म के पूर्वाग्रह के बारे में समय समय पर मुद्दा खड़ा होता रहा है। इसी कड़ी में अभिनेत्री शहाना गोस्वामी ने भी रंग को लेकर हो रहे भेदभाव पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि एक बार उन्हें इसलिए मना कर दिया गया क्योंकि फिल्म में पहले से एक सांवली अभिनेत्री का चयन हो चुका था।
शहाना गोस्वामी 'रॉक ऑन', 'रा। वन', 'मिडनाइट चिल्ड्रन', 'फिराक' और 'हीरोइन' जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। बीबीसी से बातचीत में शहाना ने कहा, "मेरे एक निर्देशक दोस्त फिल्म बना रहा थे, जिसमे दो अभिनेत्रियों की जरूरत थी। पहली अभिनेत्री जो सांवली थी, उनका चुनाव कर लिया गया था।
दूसरी की तलाश हो रही थी और निर्देशक मुझे लेना चाहते थे पर निर्माता ने उनसे कहा कि फिल्म में दो काली हीरोइनें नहीं चलेंगी।" हालांकि उन्होंने कहा कि हालांकि इस बारे में उन्हें ये सीधे तौर पर नहीं कहा गया था, लेकिन चयन न होने के बारे में किसी ने ये बात उन्हें बताई थी।
विदेशों में सांवलेपन का आकर्षण
वो कहती हैं कि 'इस किस्से ने ये साबित कर दिया की लोगों के जहन में अभी भी ये बातें रहती हैं।' शहाना कहती हैं, "अभी जितनी भी टॉप की अभिनेत्रियाँ है, उनमें सब रंग मिले हुए हैं। आप जब किसी मुकाम पर पहुँच जाइए तो रंग को लेकर दिक्कत नहीं आती है, लेकिन नई अभिनेत्रियों को इसका सामना करना पड़ता है।" उनका कहना था कि एक जमाने में सभी अभिनेत्रियाँ गोरी ही हुआ करती थीं, लेकिन अब ये काफी हद तक संतुलित हो चुका है, पर इस पर बात करना जरूरी है ताकि जिन लोगों की मानसिकता में बदलाव आए।"
विदेशी फिल्मों में काम कर चुकीं शहाना का कहना है, "विदेश में भारतीयों के रंग रूप को आकर्षक माना जाता है।" पिछले दिनों फेयरनेस क्रीम के प्रचार को लेकर भी इंडस्ट्री में सवाल उठे हैं, लेकिन शहाना का कहना है कि 'ये किसी एक्टर का निजी मामला है लेकिन वो खुद ऐसा कोई विज्ञापन नहीं करेंगी जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो।' शहाना की आगामी फिल्म 'तू मेरा संडे' है, जो छह अक्तूबर को पर्दे पर आने वाली है।
मिलिंद धैमदे की निर्देशित यह फिल्म महिला खिलाड़ियों पर केंद्रित है। शहाना कहती हैं, "बढ़ती उम्र में खेल में कोई रोल मॉडल ही नहीं हुआ करता था। अब जाकर कई महिला खिलाड़ी रोल मॉडल बनी हैं।" उनका कहना है, "विभिन्न खेल में मौजूद अधिकतर खिलाड़ियों ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर बिना किसी मदद के बहुत सफलता हासिल की है, अब सरकार से उन्हें मदद मिलनी चाहिए ताकि वो और सफल हासिल कर सकें।"