‘सौदागर’ ‘डिस्को डांसर’ जैसी फिल्मों के आर्ट डायरेक्टर मारुति काले का बीती 26 मई को निधन हो गया। वे 92 साल के थे। और COVID-19 संक्रमण के चलते मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने सन 45 में सिनेमा में काम करना शुरू किया था। एक चैनल से बातचीत में मारुति की बेटी कल्पना ने बताया कि उनके पिता को कोरोना संक्रमण का पता सात मई को चला था।
मारुति काले ने हिंदी सिनेमा के लिए 100 से भी ज्यादा फिल्मों के लिए बतौर आर्ट डायरेक्टर काम किया था। आर्ट डायरेक्टर बनने से पहले वे कार्पेंटर थे।
उन्होंने 'दीवार', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'कभी कभी' 'दो अंजाने', 'रजिया सुल्तान', 'पाकिजा, 'शोर', 'पूरब और पश्चिम', 'मेरा साया', 'यादगार', समेत कई फिल्मों के लिए बतौर असिस्टेंट आर्ट डायरेक्टर काम किया था।