फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजकुमार हिरानी ने संजय दत्त पर किया बड़ा खुलासा, कहा- संजू ने जी हैं 20 जिंदगियां

Sat, 17 Feb 2018 11:29 AM IST
मायादर्पण डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
अब सबको संजय दत्त की बायोपिक का इंतजार है। इस बायोपिक का निर्देशन राजकुमार हिरानी ने किया है। फिल्म का नाम अभी तय नहीं है। यह जून में रिलीज होगी। हिरानी ने अपनी पहली दो फिल्में संजय के साथ बनाई थीं और दोनों अच्छे दोस्त हैं। कैसे बनी बायोपिक की योजना और संजय के व्यक्तित्व पर क्या सोचते हैं  राजकुमार हिरानी। अमर उजाला से विशेष बातचीत में उन्होंने खोल कुछ राज...
विज्ञापन


25 दिन, आठ घंटे

संजू की कहानी जब मैंने सुनी, तो महसूस हुआ कि यार मैं तो इस आदमी को सिर्फ एक परसेंट जानता हूं, जबकि मैंने इसके साथ दो फिल्में की हैं। जेल में रहते हुए एक बार जब संजय पैरोल पर बाहर आए और हमारी बातें हुईं, तो मैंने पाया कि वह काफी खुल गए हैं। मैं उनसे कहने लगा कि और बताओ, और बताओ। मैं और अभिजात जोशी (राइटर) जाकर संजय के पास बैठ जाते थे। 25 दिन तक यह होता रहा कि हम आठ-आठ घंटे बैठे रहते थे और संजय अपनी कहानी सुनाते थे।

जब मैंने पूरी कहानी सुन ली, तो कहा कि यार इसमें एक पूरी फिल्म है। मुझे लगा कि यह ऐसे इंसान की कहानी है, जिसने एक जिंदगी में बीस जिंदगियां जी ली हैं। ड्रग्स, अंडरवर्ल्ड, सुप्रीम कोर्ट केस, पिता के साथ उसकी रिलेशनशिप, शादियां... यानी कितना कुछ देखा। हमने संजय के बाद उनके परिवार के लोगों और दोस्तों से भी बात की। उनकी जिंदगी पर पूरा रिसर्च किया। उसके बाद स्क्रिप्ट लिखी। मेरी कोशिश एक ईमानदार फिल्म बनाने की रही है, जिसमें कुछ भी ग्लोरिफाई नहीं करना है। 
विज्ञापन

बुरे दौर में नजदीक

मुन्नाभाई एमबीबीएस हमने ये सोच कर नहीं बनाई थी कि संजय दत्त की इमेज बदलने के लिए कर रहे हैं। हमने फिल्म बनाई और लोगों को अच्छी लगी, तो मुन्नाभाई के किरदार की कुछ बातें उनके जेहन में रह गईं। यह दोनों फिल्म ('मुन्नाभाई एमबीबीएस' और 'लगे रहो मुन्नाभाई') संजय के लिए बहुत स्पेशल हैं। वह भी कभी-कभी उन फिल्मों की बातें करते हैं। पूछते भी हैं कि अगली कड़ी कब बना रहे हो।

गौर करें कि संजय दत्त पहले एक्टर हैं, जिनके साथ मैंने निर्देशक के रूप में काम किया, इसलिए वह मेरे लिए खास हैं। ऐसा नहीं कि उनके साथ मेरे बहुत स्पेशल रिश्ते हैं। हां एक बॉन्डिंग जरूर है हमारे बीच। मैंने बुरे दौर में उन्हें नजदीक से देखा है। मैं (सुनील) दत्त साहब का फैन हूं। जबकि संजय ने मेरे प्रति हमेशा बहुत स्नेह दिखाया है।

आप देखिए कि पीके में राजस्थानी व्यक्ति का कोई खास रोल नहीं था, फिर भी उन्होंने किया। मैं झिझक रहा था कि उन्हें कैसे कहूं। सब फाइनल हो चुका था और महीने भर पहले ही मैंने उन्हें कहा कि एक छोटा-सा रोल है, करेंगे? उन्होंने पूछा भी नहीं कि क्या रोल है और तुरंत हां कह दिया। मैंने पूछा कि समय है? उन्होंने कहा कि सब कैंसिल कर दूंगा। सचमुच उन्होंने वही किया।

एक अजीब अच्छाई

संजय कितने भावुक व्यक्ति हैं आप इस बात से समझ सकते हैं कि थ्री इडियट्स की तैयारी का पहला दिन था और मेरे ऑफिस में एक्टर्स के साथ रिहर्सल हो रही थी। उन्हें खबर मिल गई। रात को 11 बजे उनका फोन आया, तो मैंने कहा रिहर्सल कर रहे हैं। संजू जोर से हंसे और बोले कि 'करो रिहर्सल एक्टरों के साथ... मेरे साथ तो नहीं करनी पड़ती है।'

फिर उन्होंने पूछा कि मैं आ जाऊं। मैंने कहा कि आ जाओ। आधे घंटे में वह कार ड्राइव करते हुए आ गए। आकर चुपचाप बैठे रहे। एक घंटे हम रिहर्सल करते रहे। फिर देखा कि संजू की आंखों में आंसू हैं। वास्तव में वह मिस कर रहे थे कि मैंने राजू के साथ दो फिल्में की हैं और वह तीसरी बना रहे हैं, जिसमें मैं नहीं हूं। संजू ने बाद में मुझसे यह कहा। मैं मानता हूं कि संजू के अंदर गुड-बैड सब कुछ है, लेकिन उनके अंदर एक अजीब-सी अच्छाई है।
विज्ञापन

क्या पागल हो गए हो

संजय की खासियत यह है कि वह स्पॉनटेनियस एक्टर हैं। वह रिहर्सल नहीं करते। मेरे साथ काम कर चुके कई एक्टर हैं, जो चाहते हैं सैट पर जाने से पहले रिहर्सल करें। संजू को रिहर्सल के लिए कहूंगा, तो इस अंदाज में देखेंगे कि क्या पागल हो गए हो! क्यों रिहर्सल करूं?
 
संजू की तत्कालिकता यह है कि आप उन्हें सेट पर दो पन्नों का एक सीन दे दो। अलग जाकर एक बार, फिर दूसरी बार पन्नों को देखेंगे और आ जाएंगे, तुरंत सीन दे देंगे। लोग पूछ रहे हैं कि संजय के रोल में रणबीर कपूर को क्यों लिया? मुझे रणबीर में स्टार नजर आता है। संजय के भी आप पुराने लुक्स देख लीजिए। जरूरी नहीं है कि लुक मैच हो, लेकिन एक बार आप कैरेक्टर की तरह दिखने लगें, काफी है। कास्टिंग में ईमानदारी जरूरी है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें