#MeToo मूवमेंट के जरिए रेप का आरोप झेल रहे एक्टर आलोक नाथ की अग्रिम जमानत पर दिंडोशी सत्र न्यायालय ने 26 दिसबंर तक के लिए मामले को सुरक्षित रख लिया है। बीते दिनों एक्टर ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए दिंडोशी सत्र न्यायालय ने 26 तारीख तक के लिए मामला सुरक्षित रख लिया है।
आलोक नाथ पर #MeToo मूवमेंट के जरिए राइटर और डायरेक्टर विनता नंदा ने बलात्कार का आरोप लगाया था। बता दें 21 नवंबर को पुलिस ने एक्टर के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इससे पहले ये भी खबर आई थी कि समन से संबंधित लेटर लेकर जब उनके घर पुलिसकर्मी पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला थे।
विनता नंदा ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए लिखा कि 'एक बार मैं आलोक नाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुई। वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकली। ड्रिंक में कुछ मिलाया और फिर उनके साथ बलात्कार किया। बता दें कि, आलोक नाथ विनता नंदा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करते हुए खुद पर लगे यौन शोषण के आरोपों से साफ इनकार कर चुके हैं।