क्या 'दिलवाले' पहले हफ्ते में 100 करोड़ रुपये का बिजनेस कर पाएगी? फिल्म के बायकॉट की हवा चलने और इसे कमजोर बताने वाली समीक्षाओं ने यह सवाल जिंदा कर दिया है। ट्रेड में आंकड़े भी दिलवाले को उम्मीद से कहीं कमजोर होने की गवाही दे रहे हैं। सोमवार से बॉक्स ऑफिस की असली हकीकत सामने आ जाएगी।
देश में असहिष्णुता के मुद्दे पर विवादित बयान और कमियां गिनाने वाली समीक्षाएं शाहरुख खान की फिल्म दिलवाले पर भारी पड़ गई हैं। नतीजा यह कि फिल्म का वीकेंड सबकी उम्मीदों के कहीं नीचे रहा। ट्रेड के जानकार सूत्र बता रहे हैं कि असहिष्णुता को लेकर उठे विरोध की वजह से पहले दिन फिल्म ने मात्र 18 करोड़ रुपये कमाए और दूसरे दिन समीक्षकों/दर्शकों की नकारात्मक टिप्पणियों की वजह से आंकड़ा गिर कर केवल 17 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि निर्माता रेड चिलीज का कहना है कि उनका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ट्रेड में दिए जा रहे आंकड़ों से ज्यादा है।
उधर, दिलवाले के सामने रिलीज हुई बाजीराव-मस्तानी धीमी शुरुआत के बाद रफ्तार पकड़ रही है और शाहरुख-काजोल स्टारर को चुनौती देने की स्थिति में आ रही है। बाजीराव-मस्तानी ने पहले दिन जहां देश भर में 12.80 करोड़ रुपये कमाए थे, वहीं अच्छी समीक्षाओं की वजह से इसका कारोबार दूसरे दिन करीब पौने तीन करोड़ बढ़ गया और इसने शनिवार को 15.52 करोड़ रुपये का बिजनेस किया।
रविवार को भी दोनों फिल्मों में दर्शकों को आकर्षित करने की रस्साकशी जारी रही। जिसमें शाम होते-होते बाजीराव-मस्तानी आगे निकलती दिखने लगी थी।
दिलवाले का हो रहा जबर्दस्त विरोध
वास्तव में इस सिने-प्रेमी देश में किसी फिल्म के ‘बायकॉट अभियान’ का असर पहली बार दिख रहा है और दिलवाले इस मामले में दुर्भाग्यशाली है। उत्तर भारत के राज्यों, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में इसका जोरदार विरोध हुआ और नतीजा यह कि कई शो रद्द हुए। अतः फिल्म को अप्रत्याशित नुकसान हुआ। फिर समीक्षाओं ने भी दिलवाले को कमजोर बताया। सो, दूसरे दिन कई सेंटरों पर दर्शक और कलेक्शन घट गए।
नतीजतन पंजाब और पश्चिम बंगाल में दूसरे दिन का कलेक्शन कम होकर भी करोड़ में रहा लेकिन राजस्थान में कुल कारोबर लाख पर आ गया! उधर, दिल्ली-यूपी सर्किट में दिलवाले दो दिनों में छह करोड़ रुपये से कुछ अधिक का बिजनेस कर सकी।
ट्रेड के जानकारों का कहना है कि दिलवाले को आने वाले दिनों में सम्मानजनक आंकड़ों के लिए मुंबई, उत्तर और मध्य भारत में अच्छे कलेक्शन की जरूरत है। लेकिन कठिनाई यह है कि मुंबई/महाराष्ट्र में बाजीराव-मस्तानी कड़ी टक्कर दे रही है। साथ ही देश के सभी बड़े शहरों के मल्टीप्लेक्सों में बाजीराव-मस्तानी की स्थिति क्रमशः मजबूत हो रही है। अतः दिलवाले पर संकट बढ़ रहा है। दक्षिण और पूर्वी भारत के कलेक्शनों से उसे बहुत अधिक लाभ नहीं होगा।
वीकएंड के बाद ज्यादा कुछ नहीं करती फिल्में
उल्लेखनीय है कि इन दिनों वीकेंड ही फिल्मों का सबसे बड़ा बिजनेस है और इसके बाद टिकट खिड़की पर कलेक्शन 30 से 60 फीसदी तक गिर जाते हैं। ऐसे में अगर देश में दिलवाले वीकेंड में 50-60 करोड़ रुपये के बिजनेस से आगे भी बढ़ जाती है तो उसके लिए पहले हफ्ते में 100 करोड़ का आंकड़ा चुनौती से कम नहीं होगा।
बीती दीवाली पर रिलीज हुई सलमान खान स्टारर प्रेम रतन धन पायो ने चार दिन (गुरुवार से रविवार) के वीकेंड में 100 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया था मगर सोमवार को फिल्म मात्र 12 करोड़ रुपये पर आ गिरी थी। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि वीकेंड खत्म होने के बाद दिलवाले का क्या होगा! 25 दिसंबर और नए साल के स्वागत के दौर में लोग छुट्टियों के मूड में जरूर होते हैं, परंतु इस बात की उम्मीद कम है कि लोग दिलवाले को देखने जाएंगे।
अतः जानकारों का कहना है कि तस्वीर साफ दिख रही है कि दिलवाले की हालत भी वीकेंड खत्म होते ही प्रेम रतन धन पायो जैसी हो सकती है। यानी दर्शकों की संख्या और कलेक्शन में भारी गिरावट।
'बाजीराव' कर देगी 'दिलवाले' को फीका!
अधिकतर समीक्षकों ने दिलवाले को औसत से भी कम या खराब फिल्म बताया है जबकि बाजीराव-मस्तानी को न केवल खूब सराहा है बल्कि फिल्म देख चुके लोग भी उसकी तारीफ कर रहे हैं। ऐसे में संभावना यही है कि आने वाले दिनों में निर्देश संजय लीला भंसाली की फिल्म लंबी रेस में रहते हुए शाहरुख और उनकी टीम के जादू को फीका कर देगी।
उधर, दिलवाले की रिलीज से पहले शुरू हुआ विरोध अभी तक जारी है। एक न्यूज चैनल पर शाहरुख ने जिस लहजे में माफी मांगी है, उसमें लोग तंज देख रहे हैं। अतः नुकसान की भरपाई होती नहीं दिख रही। यह संयोग है कि 19 दिसंबर शनिवार को आमिर खान की फिल्म पीके को रिलीज का एक साल पूरा हुआ।
दिलवाले के कलेक्शन की धीमी रफ्तार के बीच यह भी सवाल उठने लगे कि क्या शाहरुख की फिल्म भारत में पीके के पहले हफ्ते (183 करोड़ रुपये) के जितना लाइफटाइम कारोबार भी कर सकेगी?