कलाकार: सुधांशु पांडे, ऋचा सोनी, फ्लोरा सैनी। निर्देशक: लक्ष्मी आर अय्यर।
निर्माता: आईरिएल्टीज
यूट्यूब चैनल: लक्ष्मी अय्यर
सुपरहिट फिल्म अंधाधुन बनाने वाले निर्देशक श्रीराम राघवन ने अपनी पहली ही फिल्म एक हसीना थी से महिला किरदारों को संतुलन के बिल्कुल दूसरे सिरे से जाकर देखने की कोशिश की। उनकी फिल्मों के महिला किरदार अब उनके सिनेमा से निकलकर दूसरे निर्देशकों को भी प्रभावित कर रहे हैं। निर्देशक दीक्षा ज्योति की शॉर्ट फिल्म रेड वेल्वेट में पत्नी के सामने होते पति के कत्ल की कहानी के बाद अब लक्ष्मी अय्यर लेकर आई हैं सीजन्ड विद लव।
करीब 16 मिनट की फिल्म सीजन्ड विद लव में गंदी बाद 2 से चर्चा में आईं अभिनेत्री फ्लोरा सैनी को निर्देशक ने मछली के कांटे की तरह इस्तेमाल किया है। कहानी की शुरूआत अर्जुन और दीया के बेडरूम से सीन से करके लक्ष्मी कहानी पर दर्शकों की नजरें टिकाए रखने का इंतजाम किया है। कहानी फिर बेडरूम से निकल कर दरवाजे पर खड़ी अर्जुन की पत्नी मालती तक जाती है और वहां से किचन तक पहुंचकर मसालेदार होने लगती है। इस सबके बीच दीया बाथरूम में छुपी है।
सीजन्ड विद लव की सबसे कमजोर कड़ी है लेखक सौरभ पांडे की पटकथा और इसके संवाद। किसी भी सस्पेंस थ्रिलर के लिए जरूरी तत्वों पर निर्देशक लक्ष्मी अय्यर का भी ध्यान जाता नहीं दिखता। अपराध का मकसद स्थापित किए बिना बनी फिल्म सीजन्ड विद लव फास्ट फूड कुकिंग जैसी हो गई है। फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक अच्छा है और ऋचा सोनी का काम भी प्रभावित करता है। लेकिन, फ्लोरा सैनी का स्क्रीन टाइम कम होना और सुधांशु पांडे का अपने किरदार के साथ इंसाफ न कर पाना फिल्म को ले डूबा है।