कलाकार रणवीर सिंह- गायक डिवाइन, अंकुर तिवारी ;गायक,डब शर्मा डिवाइन- संगीतकार
यूट्यूब चैनल- ज़ी म्यूजिक
खाली हाथ आए थे, खाली हाथ जाएंगे, बस प्यार के दो मीठे बोल झिलमिलाएंगे, अट्ठारह साल पहले बतौर हीरो ऋतिक रोशन की पहली फिल्म का ये गाना, अब तक लोग गाते हैं और गुनगुनाते हैं तो बस इसके सूफियाना अंदाज के चलते। विजय अकेला के लिखे इस गीत को शोहरत मिली थी लकी अली की आवाज के चलते।
इस गाने का जिक्र यहां इसलिए कि हिंदी सिनेमा के गीतों में नयापन पुराने गानों का चोला ओढ़कर वापस आ रहा है। इसकी परछाई से ही निकला है डायरेक्टर जोया अख्तर की बहुचर्चित फिल्म गली बॉय का पहला गाना। गाने की झलक फिल्म के टीजर और ट्रेलर में दिखी थी और सोमवार को ये गाना रिलीज हुआ तो पहले आ चुके ट्रेलर की झलक इस गाने में दिखी।
गाना अंकुर तिवारी और उन डिवाइन ने मिलकर लिखा है, जिनकी बायोपिक के तौर पर इस फिल्म की पहली चर्चा शुरू हुई थी। जोया कह चुकी हैं कि फिल्म डिवाइन की बायोपिक नहीं है और ये गाना सुनकर या देखकर लगता भी नहीं कि गली बॉय डिवाइन की बायोपिक हो सकती है। मुंबई की झोपड़पट्टी की भाषा ऐसी नहीं होती है जैसी इस गाने में दिखी है। डब शर्मा का कंपोजीशन लाजवाब है लेकिन ने की कमजोर कड़ी है इसके बोल।
रणवीर सिंह को रैपर बनाना। उनसे मुंबई की झोपड़पट्टी की खास टपोरी बोली बुलवाना और फिर गाने में शुद्ध हिंदी के शब्द ले आना। मामला यहां से बिगड़ भी सकता हैए वैसे ही जैसे फिल्म जीरो के पहले गाने इसकबाजी से हुआ था। इसकबाजी से मेरठ गायब था। अपना टाइम आएगा से मुंबई गायब है।