कलाकार: अरिजीत सिंह (गायक), गुलज़ार (गीतकार), शंकर एहसान लॉय (संगीतकार)
म्यूजिक लेबल: सोनी म्यूजिक
सुबह सुबह आपके मोबाइल पर नोटिफिकेशन आए कि सोनी म्यूजिक ने अरिजीत सिंह की आवाज में कोई नया गाना अपलोड किया है तो ऐसे किसी नोटिफिकेशन को स्वाइप करने का मन नहीं ही करता है। बिना क्लिक किए मन मानता नहीं और गाना बजने पर खुशी इस बात की होती है कि अरिजीत की सधी आवाज़ वाला ये गाना गुलज़ार ने लिखा है।
गुलज़ार और अरिजीत दोनों कम लिखते और कम गुनगुनाते हैं। पिछले साल फिल्म राज़ी के लिए गुलज़ार के लिखे गाने ऐ वतन को अरिजीत ने कालजयी गीत बना दिया था। इस गाने के बोल ऐसे थे कि किसी भी देश का नागरिक अपने देश के लिए ये गाना गा सकता है। एक अच्छी रचना सरहदों में नहीं बांधी जा सकती। और, गुलज़ार व अरिजीत ने राकेश ओम प्रकाश मेहरा की फिल्म मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर के लिए जो ये गानानुमा अपील तैयार की है, वह भी अरिजीत के दर्द भरे नगमों से आगे की बात है।
गुलज़ार साधारण से दिखने वाले एहसासों में ज़िंदगी की धड़कन ढूंढ लेते हैं। इस गाने में भी सुबह के वक्त को और शौचकी दिक्कत को इतने सलीके से गुलज़ार ने बयां कर दिया है कि बस वाह ही निकलती है। अरिजीत सिंह ने इन दिनों गायिकी से ब्रेक ले रखा है, ऐसे में अरसा पहले रिकॉर्ड किए गए इस गाने को सुनना इसलिए भी अच्छा लगता है क्योंकि उनकी आवाज़ में कुछ नया इधर काफी दिनों से आया नहीं है।
अरिजीत सिंह के दर्द भरे नगमों के शौकीनों को भले गाना थोड़ा हल्का लगे लेकिन सुबह या शाम की जॉगिंग के वक्त या ड्राइविंग करते समय हल्के फुल्के गाने सुनने वालों की प्लेलिस्ट में ये एक अच्छा एडीशन है।