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सेलिना जेटली के भाई विक्रांत के मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट का निर्देश, केस में कानूनी गोपनीयता पर कही बड़ी बात

Thu, 12 Feb 2026 03:10 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Celina Jaitly Brother Vikrant Kumar Case: सेलिना जेटली के भाई और रिटायर मेजर विक्रांत कुमार जेटली यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) में हिरासत में हैं। वह भाई को वापस भारत लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी हैं। इस मामले में अब दिल्ली हाई कोर्ट का एक निर्देश सामने आया है। 

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सेलिना जेटली और भाई विक्रांत की पुरानी तस्वीर - फोटो : इंस्टाग्राम@celinajaitlyofficial
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विस्तार
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रिटायर मेजर विक्रांत कुमार जेटली साल 2024 से यूएई में हिरासत में हैं। इस मामले को लेकर सेलिना जेटली ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में कोर्ट ने नया निर्देश दिया है। हालिया सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने विक्रांत जेटली की पत्नी के वकील को निर्देश दिया कि वे कोर्ट में एक नोट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करें। अदालत ने यह कदम इसलिए उठाया जिससे विक्रांत जेटली की इच्छा और उनकी ओर से ली जा रही कानूनी स्थिति को गोपनीय तरीके से समझा जा सके। 

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केंद्र सरकार ने भी मामले को लेकर दी नई जानकारी 
आईएएनएस की खबर के अनुसार कोर्ट को केंद्र सरकार ने भी विक्रांत जेटली मामले को लेकर नई जानकारी दी है। केंद्र सरकार ने बताया कि विक्रांत जेटली से मिलने के लिए यूएई प्रशासन से कांसुलर पहुंच का औपचारिक अनुरोध किया गया है। 
केंद्र सरकार ने बताया कि यूएई में विक्रांत जेटली का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए एक अमीराती लॉ फर्म खालिद अल मरी को पत्र जारी किया गया है। इस पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह विक्रांत जेटली को स्पष्ट रूप से यह जानकारी दें कि उनके लिए कौन-सी लॉ फर्म नियुक्त की गई है और वह किस तरह उनका प्रतिनिधित्व करेगी। 
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सेलिना जेटली और विक्रांत जेटली - फोटो : एक्स (ट्विटर)
विक्रांत जेटली की पत्नी ने क्यों जताई आपत्ति?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विक्रांत जेटली की पत्नी के उस बयान पर भी ध्यान दिया, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में शुरू की गई कार्यवाही पर आपत्ति जताई है। विक्रांत की पत्नी ने कहा कि वे इस मामले में एक्ट्रेस सेलिना जेटली द्वारा बताई गई लॉ फर्म से सहमत नहीं हैं।
विक्रांत की पत्नी ने आरोप लगाया कि सेलिना जेटली ने उनकी अनुमति के बिना ही दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। विक्रांत जेटली की पत्नी की तरफ से यह भी कहा गया कि पति के लिए वकील नियुक्त करने का सिर्फ केवल उन्हीं को है। उन्होंने अदालत को बताया कि हाल ही में यूएई की जेल में जाकर विक्रांत जेटली से मुलाकात की है, जिसमें विक्रांत ने सेलिना जेटली द्वारा बताई गई लॉ फर्म को अपने मामले में शामिल किए जाने का विरोध किया।
पत्नी का कहना है कि विक्रांत जेटली केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय की मदद चाहते हैं। वह चाहते हैं कि यूएई में उनके मामले की पैरवी के लिए वकील सरकार की ओर से ही नियुक्त किया जाए।

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केस की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि विक्रांत जेटली सुझाई गई लॉ फर्म से कानूनी सहायता लेने को तैयार नहीं हैं तो किसी अन्य फर्म का नाम सुझा सकते हैं। कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को यह भी निर्देश दिया कि वह सेलिना जेटली द्वारा दायर याचिका की एक प्रति विक्रांत जेटली को उपलब्ध कराएं। विक्रांत से पूछा जाए कि क्या वे अपनी बहन से मिलने के इच्छुक हैं या नहीं। इस मामले की अगली सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में 19 फरवरी को होगी। 

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