कोर्ट ने बिना मंजूरी रवि किशन से जुड़ी चीजों के इस्तेमाल पर लगाई रोक
जस्टिस सिंह ने कहा कि व्यक्तित्व अधिकारों को अब कानूनी मान्यता मिल चुकी है और उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए, खासकर तब जब बिना मंजूरी के इस्तेमाल से कमर्शियल नुकसान हो, निजता का उल्लंघन हो या किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे।
आदेश में कहा गया कि वादी को ऐसे किसी भी कंटेंट के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार है जो उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करता हो, या अश्लील/अभद्र हो, या जिसमें पोर्नोग्राफिक कंटेंट हो और जिससे जनता, परिवार और दोस्तों के बीच उनकी छवि, साख और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता हो।
उन्हें सुरक्षा पाने और गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने का भी अधिकार है। दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रतिवादियों और उनकी ओर से काम करने वाले सभी लोगों को रवि किशन के नाम, तस्वीर, शक्ल-सूरत या उनकी पर्सनैलिटी से जुड़ी किसी भी पहचान वाली चीज़ का इस्तेमाल करने या उसका फायदा उठाने से रोक दिया है।
16 अक्तूबर को दिल्ली हाई कोर्ट में होगी अगली सुनवाई
तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई का निर्देश देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने पहचाने गए प्रतिवादियों और डोमेन नेम रजिस्ट्रार को आदेश दिया कि वे आदेश की कॉपी मिलने के तीन दिनों के भीतर आदेश में बताए गए उल्लंघन करने वाले URL को हटा दें। कोर्ट ने इंटरमीडियरीज (जैसे मेटा, गूगल और X कॉर्प) को भी निर्देश दिया कि अगर संबंधित प्रतिवादी आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो शिकायतकर्ता द्वारा सूचित किए जाने पर वे 72 घंटों के भीतर पहचाने गए कंटेंट को हटा दें
यह मामला दलीलें पूरी करने के लिए 13 अगस्त को जॉइंट रजिस्ट्रार के सामने और आगे की सुनवाई के लिए 16 अक्तूबर को दिल्ली हाई कोर्ट के सामने लिस्ट किया गया है। रवि किशन का मामला उन हाई-प्रोफाइल हस्तियों की बढ़ती सूची में शामिल हो गया है जो दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी अधिकारों का दावा कर रहे हैं।